रेवांचल टाईम्स की ख़बर का असर मानव अधिकार ने लिया मामला संज्ञान में … मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग, भोपाल ने सात मामलों में संज्ञान’’

 

रेवांचल टाईम्स – मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय सदस्य श्री राजीव कुमार टंडन ने विगत दिवसों के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के ’सात मामलों में’ संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।जिसमे 3 मामले मण्डला जिले के हैं। आयोग ने संबंधितों से जवाब मांगा है।

मण्डला -जिले के 3 मामले जो समाचार पत्रों मे प्रकाशित हुए थे जिसमें प्रथम दृष्टया मानव अधिकार का उल्लंघन है ऐसे मामले को संज्ञान मे लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है। इस बात की जानकारी कार्यालय म. प्र. मानव अधिकार आयोग-मित्र, शिकायत प्रकोष्ठ शाखा मण्डला से प्राप्त हुई है।

जीवित महिला को मृत बताकर अपने नाम करा ली भूमि

मंडला जिले के नैनपुर तहसील के अंतर्गत एक प्लॉट की फर्जी तरीके से रजिस्ट्री कराने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार राजस्व विभाग में कार्यरत पटवारी द्वारा एक जीवित महिला को मृत बताकर उसका प्लॉट किसी अन्‍य लोगों के नाम चढ़ा दिया गया है। अब अपना नाम दर्ज कराने पीड़ित महिला दर-दर भटक रही है। एवं न्याय की मांग कर रही है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर मंडला से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।

 

मेडीकल स्‍टोर्स पर चल रहा अवैध क्लीनिक

मंडला जिले के नैनपुर तहसील अंतर्गत ग्राम डिठौरी में संचालित एक मेडिकल स्‍टोर्स के संचालक द्वारा नियमों की अनदेखी करते हुये मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मेडीकल संचालक द्वारा अपने ही स्‍टोर पर मरीजों का इलाज कर रहा है और उन्हें भर्ती कर इंजेक्‍शन और बॉटल चढ़ाए जा रहे है। इसके बदले मरीजों से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। नियमों की अनदेखी करके अवैध क्लीनिकों में मरीजों का इलाज करने से उनकी जान का खतरा भी बना हुआ है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने सीएमएचओ, मंडला से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।

 

गंदा पानी पीने को मजबूर ग्रामीण

मंडला जिले के जिला मुख्यालय के समीप ग्राम पंचायत सकवाह के ग्राम रामबाग में ग्रामीणों को दूषित और अस्‍वच्‍छ पेयजल मिलने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लगभग तीन माह से ग्रामीणों को दूषित और अस्‍वच्‍छ पानी सप्लाई हो रहा है। इस कारण उन्हें कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने ईई/पीएचई, मंडला से मामले की जांच कराकर सकवाह पंचायत के पानी का परीक्षण कराकर एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन एक माह में मांगा है।

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