दैनिक रेवाँचल टाईम्स – डिंडोरी जिले के विकासखंड बजाग में निर्माणाधीन नवीन 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का कार्य लगातार सुस्त गति से चल रहा है। धीमी रफ्तार से कार्य कराए जाने की वजह से करोड़ों रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है इस कारण क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने का सपना आज भी अधूरा बना हुआ है।
कलेक्टर जिला डिंडौरी द्वारा उक्त भवन निर्माण कार्य का निरीक्षण 17 अक्टूबर 2025 को किया गया था। निरीक्षण में पाया गया था कि निर्धारित समयावधि समाप्त हो जाने के बावजूद ठेकेदार द्वारा भवन निर्माण कार्य पूर्ण नहीं किया गया है।जबकि निर्माण कार्य 24 माह में पूर्ण किया जाना था, जिसकी अंतिम तिथि 1 मार्च 2025 निर्धारित थी, लेकिन समय बीत जाने के बाद भी आज तक भवन विभाग को हस्तांतरित नहीं हो सका है।
आदेश में यह भी उल्लेख है कि निर्माण कार्य की प्रगति अत्यंत धीमी है और यदि यही स्थिति बनी रही तो आगामी वर्ष तक भी भवन पूर्ण होना संभव नहीं है। स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा कई बार मौखिक एवं लिखित निर्देश देने के बावजूद ठेकेदार ने कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई।
कलेक्टर ने ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संसाधनों की संख्या बढ़ाकर निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए और आगामी दिसंबर 2025 तक भवन का कार्य पूर्ण कर विभाग को हस्तांतरित किया जाए। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि तय समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं किया गया तो अनुबंध की शर्तों के तहत ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए अनुबंध निरस्त किया जा सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित निर्माण एजेंसी की होगी।
गौरतलब है कि 30 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के शुरू होने से बजाग सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर इलाज की सुविधा मिलने वाली थी, लेकिन निर्माण में हो रही देरी से मरीजों को आज भी जिला अस्पताल या दूर-दराज के स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद ठेकेदार द्वारा निर्माण कार्य में तेजी नहीं लाई गई है जिससे क्षेत्रवासियों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा शुरू से ही गंभीर लापरवाही बरती गई है। कलेक्टर द्वारा निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने के 18 दिन बाद भी स्वास्थ्य भवन का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। इससे न केवल शासन के निर्देशों की अवहेलना हो रही है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं से भी वंचित रहना पड़ रहा है।
मौके पर देखा गया कि मजदूर दो मंजिला भवन में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के ऊँचाई पर कार्य कर रहे हैं। बिना हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट या अन्य सुरक्षा उपायों के मजदूर जान जोखिम में डालकर काम कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसकी जिम्मेदारी तय करना बड़ा सवाल बन गया है।
ग्रामीणों के अनुसार अब तक भवन में प्लास्टर, टाइल्स, बाउंड्रीवाल, पेंटिंग जैसे महत्वपूर्ण कार्य अधूरे हैं। वहीं, इतने विशाल स्वास्थ्य भवन के लिए बनाए जा रहे एकमात्र सेप्टिक टैंक की गहराई भी काफी कम बताई जा रही है, जो भविष्य में गंभीर समस्या का कारण बन सकती है।
गौरतलब है अक्टूबर माह में डिंडोरी कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया ने बजाग मुख्यालय में निर्माणाधीन 30 बिस्तरीय स्वास्थ्य भवन का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए 28 अक्टूबर को नोटिस जारी कर ठेकेदार को दिसंबर 2025 तक भवन पूर्ण कर हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए थे।
उल्लेखनीय है कि ठेकेदार द्वारा किए गए अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्य 24 माह में पूर्ण किया जाना था, जिसकी अंतिम तिथि मार्च 2025 थी। अब लगभग एक वर्ष बीतने को है, फिर भी भवन अधूरा पड़ा है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया था कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो अनुबंध की धारा 27.4 के तहत अनुबंध निरस्त किया जा सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी।
आज तक निर्माण स्थल पर जानकारी संबंधी सूचना बोर्ड नहीं लगाया गया, न ही डीपीआर (DPR) से जुड़ी कोई जानकारी आमजन को उपलब्ध कराई गई है। बाउंड्रीवाल निर्माण में खड़े किए गए कंक्रीट के कॉलम भी टेढ़े-मेढ़े नजर आ रहे हैं, जिससे निर्माण गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
शासन के निर्देशों की अनदेखी करने वाले लापरवाह ठेकेदार के विरुद्ध जिला प्रशासन और कलेक्टर स्तर पर कार्रवाई का अगला कदम क्या होगा।