दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – वनग्राम जल्दा में प्रतिवर्ष अनुसार मड़ई मेले का भव्य आयोजन किया गया। मेले में आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिला-पुरुष व बच्चे शामिल हुए। जहां पारंपरिक लोकसंस्कृति, खान-पान और ग्रामीण बाजार की रौनक देखने को मिली ।
मड़ई स्थल पर अस्थायी दुकानों की लंबी कतारें लगाई गईं, जहां खिलौने, गुब्बारे, मिठाइयां, चूड़ियां, कपड़े, घरेलू उपयोग की सामग्री और खाद्य पदार्थों की जमकर बिक्री हुई। बच्चों में खिलौनों और गुब्बारों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला, वहीं महिलाओं ने चूड़ियों व वस्त्रों की खरीदारी की। बच्चों ने खेल गतिविधियों का लुत्फ उठाया। वही छोटे छोटे बच्चों ने झंपिग झपाक में जमकर उछलकूद की।
मेले में आदिवासी समाज की पारंपरिक वेशभूषा और रहन-सहन की झलक भी नजर आई। दिनभर लोगों का आना-जाना लगा रहा और ग्रामीणों ने आपसी मेल-मिलाप के साथ मड़ई का आनंद लिया।
ग्रामीणों का कहना है कि मड़ई में त्यौहार जैसा माहौल रहता । इससे स्थानीय व्यापारियों और छोटे दुकानदारों को भी रोजगार का अवसर मिलता है। आयोजन से वनांचल क्षेत्र में उत्साह का वातावरण बना रहा।