जंगल में लाश, पास ही भ्रूण… मंडला में झोलाछाप डॉक्टर का खूनी खेल उजागर

झोलाछाप डॉक्टर सहित तीन आरोपी गिरफ्तार, जंगल में फेंकी गई थी लाश

मंडला।मध्यप्रदेश के मंडला ज़िले के घुघरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तबलपानी के जंगल में मिली युवती की लाश और भ्रूण के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने इस जघन्य अपराध में झोलाछाप डॉक्टर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि 7 माह की गर्भवती युवती का अवैध रूप से गर्भपात कराया गया, जिसके चलते उसकी मौत हो गई। मौत के बाद सबूत मिटाने के इरादे से लाश को जंगल में फेंक दिया गया।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कुछ दिन पहले तबलपानी गांव के जंगल में संदिग्ध परिस्थितियों में एक युवती का शव मिला था। शव से कुछ ही दूरी पर करीब 4 से 5 माह का एक भ्रूण भी बरामद हुआ, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया। शिनाख्त के बाद मृतका की पहचान घटना स्थल से लगभग 2 किलोमीटर दूर स्थित गांव की 27 वर्षीय युवती के रूप में हुई।

पुलिस जांच में सामने आया कि युवती हाल ही में राजकोट (गुजरात) से काम करके गांव लौटी थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि वह करीब 7 माह की गर्भवती थी, हालांकि उसके परिजन इस सच्चाई से अनजान थे। युवती ने घरवालों से मंडला इलाज के लिए जाने की बात कहकर घर छोड़ा था, लेकिन वह नजदीकी गांव नयागांव में स्थित झोलाछाप डॉक्टर उदित पड़वार के पास गर्भपात कराने पहुंच गई।

अवैध इलाज के बाद युवती की तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे परसवाह गांव ले जाया गया, जहां वह सुनील पूशाम के घर रुकी। कुछ ही देर में युवती की हालत और गंभीर हो गई और उसकी मौत हो गई। मौत के बाद आरोपी घबरा गए और सुनील पूशाम ने ऑटो चालक रोशन नरते के साथ मिलकर युवती की लाश को जंगल में फेंक दिया और फरार हो गए।

पुलिस ने मामले में झोलाछाप डॉक्टर उदित पड़वार, सुनील पूशाम और ऑटो चालक रोशन नरते को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित लापरवाही और अपराध का मामला है। जांच अभी जारी है और यदि इस पूरे घटनाक्रम में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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