मिड डे मील के चावल में गोलमाल की आशंका, नैनपुर क्षेत्र के स्कूलों में संकट

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में संचालित मिड डे मील (मध्यान्ह भोजन) योजना एक बार फिर सवालों के घेरे में है। जिले की तहसील नैनपुर के ग्रामीण क्षेत्रों से गंभीर जानकारी सामने आई है कि दिसंबर और जनवरी माह का राशन चावल अब तक शासकीय स्कूलों तक नहीं पहुंचाया गया है।
चावल की आपूर्ति न होने से सरकारी स्कूलों में मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम का संचालन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चों के पोषण के साथ सीधा खिलवाड़ होता नजर आ रहा है, जबकि कागजों में योजना के सुचारु संचालन के दावे किए जा रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों का कहना है कि
“जब चावल ही नहीं मिलेगा तो मध्यान्ह भोजन कैसे बनेगा?”
यह स्थिति प्रशासनिक लापरवाही या फिर राशन वितरण में किसी बड़े गोलमाल की ओर इशारा कर रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि संबंधित विभाग, खाद्य आपूर्ति एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन क्यों हैं?
जनता की स्पष्ट मांग है कि
तत्काल प्रभाव से लंबित चावल की आपूर्ति की जाए पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो
बच्चों के भोजन से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए
यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो मिड डे मील योजना का उद्देश्य ही विफल होता नजर आएगा और इसका खामियाजा सीधे मासूम बच्चों को भुगतना पड़ेगा।

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