दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला।मंडला जिले के जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत भपसा में विकास कार्यों के नाम पर खुलेआम भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यहां श्मशान घाट तक जाने वाले रास्ते में बनने वाली पुलिया कम स्टाफडेम के निर्माण में भी अनियमितताओं की चर्चा है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन रास्तों से गांव के लोगों की अंतिम यात्रा गुजरती है, वहां भी भ्रष्टाचार की परतें बिछा दी गई हैं। सवाल यह है कि क्या अब मुर्दों की राह भी भ्रष्टाचार से अछूती नहीं रही?
ग्रामीणों के अनुसार श्मशान मार्ग पर करीब 7 लाख रुपये की लागत से पुलिया कम स्टाफडेम का निर्माण स्वीकृत हुआ था। आरोप है कि राशि निकाल ली गई, लेकिन लगभग एक साल बाद भी निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। नतीजा यह है कि गांव में जब किसी की अंतिम यात्रा निकलती है तो लोगों को सीधा रास्ता न मिलने के कारण घुमावदार और असुविधाजनक मार्ग से शव लेकर श्मशान तक जाना पड़ता है।
ग्राम पंचायत के पंच अंकित कछवाहा, श्याम सिंगौर सहित कई ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और उपयंत्री की मिलीभगत से विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन की खुली लूट मची हुई है। उनका कहना है कि पंचायत में नालियों सहित कई निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन तरीके से कराए जा रहे हैं, जबकि कागजों में सब कुछ पूर्ण दिखाकर भुगतान निकाल लिया जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि फर्जी बिल और कागजी प्रक्रियाओं के जरिए लाखों रुपये की राशि निकालकर बंदरबांट किया जा रहा है। यहां तक कि पंचायत की राशि सरपंच और उपसरपंच पतियों के खातों तक पहुंचने की चर्चाएं भी गांव में खुलेआम हो रही हैं। सवाल यह है कि यदि यह सब सच है तो सचिव, रोजगार सहायक और उपयंत्री की निगरानी व्यवस्था आखिर किस काम की है?
सबसे बड़ा सवाल जनपद पंचायत के सीईओ, जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों पर भी खड़ा हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस पूरे मामले की शिकायत कई बार की जा चुकी है, लेकिन ना जांच हुई और ना ही कोई ठोस कार्रवाई। इससे साफ संकेत मिलता है कि या तो शिकायतों को दबाया जा रहा है या फिर जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
गांव के लोगों का यह भी कहना है कि पंचायत में पारदर्शिता पूरी तरह खत्म हो चुकी है। हालत यह है कि पंचायत के निर्वाचित पंचों को भी विकास कार्यों और खर्च की जानकारी नहीं दी जाती, जबकि कागजों में सब कुछ ठीक दिखाकर सरकारी धन निकाल लिया जाता है।
नाराज ग्रामीण अब इस पूरे मामले को लेकर जिले के प्रभारी मंत्री और जिला प्रशासन से सीधी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार पास के ग्राम हिरदेनगर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री के आगमन की सूचना मिलने पर ग्रामीणों ने उनसे आग्रह किया है कि वे कुछ समय निकालकर भपसा पंचायत के निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति भी देखें।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जिला प्रशासन और जनपद के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले की निष्पक्ष जांच कराएंगे?
या फिर श्मशान घाट तक के रास्ते में हुए इस कथित भ्रष्टाचार पर भी पर्दा डाल दिया जाएगा?
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे इस मामले को लेकर उच्च स्तर तक शिकायत और जन आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जनहित के कार्यों में इस तरह की लूट पर अब गांव के लोग जवाब और कार्रवाई दोनों चाहते हैं।