रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
शहर के जरूरतमंदों और श्रमिकों को मात्र 5 रुपये में भरपेट पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने वाली ‘दीनदयाल रसोई योजना’ को अब और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। सोमवार को कलेक्टर हरेंद्र नारायण ने इस योजना के संचालन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली। बैठक में महापौर विक्रम अहके और निगम आयुक्त सी.पी. राय विशेष रूप से उपस्थित रहे।
गुणवत्ता और स्वच्छता पर ‘जीरो टॉलरेंस’
कलेक्टर ने सख्त लहजे में निर्देश दिए कि रसोई केंद्रों के संचालन में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता से कोई समझौता नहीं होगा। भोजन का वितरण निर्धारित समय सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे के बीच अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शहर में 4 केंद्रों से मिल रही राहत
बैठक में बताया गया कि वर्तमान में जिले में तीन स्थायी और एक चलित मोबाइल रसोई का सफल संचालन हो रहा हैl
अनाज मंडी (गंज) व्यापारी संघ के सहयोग से।
सब्जी मंडी (गुरैया रोड) किसानों और हमालों के लिए।
जिला अस्पताल परिसर मरीजों के परिजनों की सुविधा हेतु।
चलित रसोई शहर के विभिन्न चौराहों और जरूरतमंद इलाकों में पहुंचकर भोजन उपलब्ध करा रही है।
5 रुपये में पौष्टिक आहार
अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रत्येक थाली में रोटी, चावल, दाल और सब्जी शामिल होती है। शासन के नियमों के अनुसार, लाभार्थी से केवल 5 रुपये लिए जाते हैं, जबकि लागत की शेष राशि राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वहन की जाती है।
समिति की भूमिका
बैठक में जिला स्तरीय समन्वय एवं अनुश्रवण समिति ने साप्ताहिक मेन्यू तय करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने पर भी चर्चा की, ताकि संसाधनों की कोई कमी न हो।
बैठक में इनकी रही मौजूदगी
इस अवसर पर औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध संचालक, जिला खाद्य अधिकारी, सामाजिक न्याय विभाग के उपसंचालक, अनाज व्यापारी संघ और सब्जी मंडी एसोसिएशन के अध्यक्षों सहित संबंधित विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।