रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
चौरई पुलिस ने ग्राम चोरगांव ब्रिज के पास मिले अज्ञात शव की गुत्थी सुलझाते हुए एक सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया है।
पैसों के लेनदेन के विवाद में कृष्णकुमार वर्मा की गला घोंटकर हत्या की गई थी। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी अखिलेश वर्मा सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
क्या था मामला
बीती 8 मार्च 2026 को सिवनी-छिंदवाड़ा रोड पर चोरगांव ब्रिज के पास ग्राम हिवरखेड़ी निवासी कृष्णकुमार पिता देवचंद्र वर्मा (35 वर्ष) का शव संदिग्ध अवस्था में मिला था। मृतक के गले पर गहरे निशान थे। पीएम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि रस्सी या गमछे जैसी चीज से गला घोंटने के कारण दम घुटने से मौत हुई है। पुलिस ने धारा 103(1) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
साजिश के तहत की गई हत्या
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी अखिलेश वर्मा और मृतक के बीच पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। अखिलेश ने अपने साथियों के साथ मिलकर कृष्णकुमार को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।
7 मार्च की रात आरोपी अखिलेश वर्मा अपनी काले रंग की XUV कार में कृष्णकुमार को लेकर निकला।
वारदात रात करीब 10:30 बजे चोरगांव रोड पर सुनसान जगह देखकर कार रोकी गई। वहां पहले से ही स्कार्पियो और बुलेरो में सवार अन्य साथी मौजूद थे।
हत्या का तरीका
आरोपी चंद्रकांत उर्फ चंदू ने कार में रखे सफेद गमछे से कृष्णकुमार केv गले में फंदा डाला, जिसे शुभम और अखिलेश ने मिलकर जोर से खींचा, जिससे मौके पर ही कृष्णकुमार की मौत हो गई।
साक्ष्य छुपाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को XUV कार में भरकर चोरगांव ब्रिज के पास फेंक दिया। वारदात को एक्सीडेंट या सामान्य घटना दिखाने के लिए मृतक की मोटरसाइकिल और हेलमेट भी शव के पास ही पटक कर फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और जप्ती
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर चार आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल
सफेद रंग का गमछा
स्कार्पियो (MP 42 BC 0876)
काले रंग की XUV 3XO कार जप्त की गई है।
गिरफ्तार आरोपी
अखिलेश वर्मा (38) निवासी हिवरखेड़ी (मुख्य सूत्रधार)
शुभम उर्फ शिवा (24) निवासी हिवरखेड़ी
चंद्रकांत उर्फ चंदू (36) निवासी पिपरिया कला
मनोज विश्वकर्मा (40) निवासी हिवरखेड़ी
इनकी रही सराहनीय भूमिका
इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश करने में निरीक्षक मोहन सिंह मर्सकोले, उ.नि. पारसनाथ आमों, सउनि शेख आजाद, आरक्षक जितेंद्र बघेल, सूर्योदय, रोहित, अभिषेक, विमल, राजेश, संजय और सायबर सेल से नितिन सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।