​छिंदवाड़ा के 51 श्रद्धालुओं ने किए ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, ‘वंदे भारत’ का सफर रहा खास

रेवांचल टाइम्स ​छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला

आध्यात्मिक चेतना और भक्ति के उल्लास के साथ छिंदवाड़ा जिले के शासकीय सेवकों एवं उनके परिजनों की पांच दिवसीय धार्मिक यात्रा सोमवार, 23 मार्च 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। 51 श्रद्धालुओं के इस जत्थे ने काशी विश्वनाथ, बैद्यनाथ धाम और मां विंध्यवासिनी के दरबार में मत्था टेककर पुण्य लाभ अर्जित किया।

पुष्प वर्षा के साथ हुआ था भव्य प्रस्थान
​इस पावन यात्रा का शुभारंभ 18 मार्च की रात को हुआ था। रवानगी के वक्त रूद्रात्मक हनुमान समाज कल्याण समिति के सचिव अखिल सूर्यवंशी एवं अन्य पदाधिकारियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रियों का उत्साहवर्धन किया। जयकारों के बीच शुरू हुई यह यात्रा न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बनी।

आध्यात्मिक केंद्रों का भ्रमण
​यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने प्रमुख तीर्थ स्थलों पर दर्शन किए:
​काशी (वाराणसी): बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का आनंद लिया।
​बैद्यनाथ धाम (देवघर): झारखंड स्थित ज्योतिर्लिंग में विशेष पूजा-अर्चना की।
​विंध्यवासिनी धाम: नवरात्रि के पावन पर्व पर शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
​यात्रा के मुख्य आकर्षण और विवरण
​इस यात्रा में महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। समूह में 15 पुरुष एवं 36 महिलाएं शामिल थीं।
विवरण जानकारी
सबसे वरिष्ठ पुरुष विजय सिंह ठाकुर (72 वर्ष)
सबसे वरिष्ठ महिला श्रीमती ज्योतिया (68 वर्ष)
प्रमुख यातायात माध्यम रेलमार्ग (वंदे भारत ट्रेन)

श्रद्धालुओं के लिए वंदे भारत ट्रेन का आधुनिक और सुखद सफर इस पूरी यात्रा के मुख्य आकर्षणों में से एक रहा।
​अनुशासन और सामूहिकता की मिसाल
​23 मार्च की सुबह जब जत्था वापस छिंदवाड़ा पहुंचा, तो श्रद्धालुओं के चेहरों पर थकान के बजाय भक्ति का तेज और संतोष नजर आया। यात्रियों ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान अनुशासन और आपसी सहयोग का अद्भुत तालमेल रहा, जिससे यह यात्रा यादगार बन गई।

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