दैनिक रेवांचल टाइम्स मंडला।चैत्र मास में नर्मदा मैया की उत्तरवाहिनी परिक्रमा करने मंडला पधारे श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी के महामंडलेश्वर स्वामी देव स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि तेजी से हो रही जनसंख्या वृद्धि के कारण नदियों के किनारे मानवीय बसाहट तथा सीमेंट कांक्रीट के निर्माण कार्य बढ़े हैं।अनेक शहर नदियों के किनारे बसे हुए हैं।जहां गंदे नालों का जल सीधे नदियों में मिल रहा है जिससे नदियों के प्रवाह तथा जलीय जीव जंतुओं पर संकट की स्थिति निर्मित हो गई है।शहरों में गंदे नालों के पानी के निस्तारण के लिए सरकारी प्रयास किया जा रहे हैं।परंतु आमजन को भी अपनी जिम्मेदारी का पालन करना होगा।उन्होंने नर्मदा तट में बसे मंडला के निवासियों से अपील की कि वे जब भी हम नर्मदा पूजन करने जाएं तो घाट के आसपास फैली पन्नी को एकत्रित कर जला दें।तथा नर्मदा के प्रवाह को अविरल बनाने में सहयोग प्रदान करें।स्वामी जी ने बताया कि मध्यप्रदेश में गौ संरक्षण से संबंधित उनकी याचिका उच्च न्यायालय जबलपुर में लंबित है याचिका के निराकरण के पश्चात गौ संरक्षण से संबंधित सकारात्मक परिणाम समाज के सामने होंगे।देश की नदियों तथा गौ संरक्षण का दायित्व प्रत्येक भारतीय का है।