दैनिक रेवांचल टाइम्स | जबलपुरमध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत आज जबलपुर में लोकायुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए RTO विभाग में पदस्थ एक आरक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। यह कार्रवाई नागपुर-जबलपुर हाईवे पर बरगी के पास की गई, जहां खुलेआम वाहनों से अवैध वसूली का खेल चल रहा था।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता
प्रशांत दत्तात्रेय जाधव (वाहन मालिक, नवी मुंबई)
जय सिंह यादव (वाहन चालक, छतरपुर)
इनके अनुसार, उनकी गाड़ियां नियमित रूप से जबलपुर होते हुए उत्तरप्रदेश सहित अन्य राज्यों में माल लेकर जाती हैं।
25 मार्च 2026 को जब वाहन DD01P09764 बरगी क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी RTO आरक्षक श्वेता अहिरवार और उसके सहयोगी मोहित साहू ने वाहन को आगे बढ़ाने के बदले 4500 रुपये रिश्वत की मांग की।
लोकायुक्त ने बिछाया जाल, रंगे हाथों धराए
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने जाल बिछाया और आज ही दोनों आरोपियों को ₹4500 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
इन धाराओं में मामला दर्ज
आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं 7, 12, 13(1)(B), 13(2)
के तहत कार्रवाई की जा रही है।
ट्रैप टीम में शामिल अधिकारी
निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक शशि मर्सकोले, निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया, निरीक्षक जीतेंद्र यादव
लोकायुक्त जबलपुर की पूरी टीम
बड़ा सवाल: हाईवे पर कब तक चलता रहेगा वसूली का सिंडिकेट?
यह कार्रवाई एक बार फिर साबित करती है कि हाईवे पर चेकिंग के नाम पर किस तरह वाहन चालकों से खुलेआम वसूली की जा रही है।
क्या यह सिर्फ दो लोगों का खेल है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?
वही अब नजर इस बात पर है कि क्या इस कार्रवाई के बाद RTO विभाग में फैले भ्रष्टाचार के पूरे नेटवर्क पर भी शिकंजा कसेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।