छिंदवाड़ा हादसे पर कांग्रेस का तीखा हमला: “सरकारी दबाव में जुटी भीड़ ने ली 12 निर्दोषों की जान

“धमकियों और दबाव की राजनीति ने छीनी जिंदगियां”, 1 करोड़ मुआवजा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग

 

दैनिक रेवांचल टाईम्स – सिवनी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश मरावी ने छिंदवाड़ा हादसे को “सरकारी लापरवाही और दबाव की राजनीति का परिणाम” बताते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए प्रशासन ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, सरपंचों, सचिवों, स्वसहायता समूहों और योजनाओं के हितग्राहियों को जबरन बसों में भरकर भेजा।
मरावी ने आरोप लगाया कि “लोगों को इंसान नहीं, बल्कि भेड़-बकरियों की तरह ठूंस-ठूंस कर ले जाया गया”, जिसका नतीजा यह भयावह हादसा रहा, जिसमें 12 लोगों की मौत हो गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ जुटाने के लिए अधिकारियों तक से आदेश जारी कराए गए, जो पूरे मामले को और गंभीर बनाता है।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि लाड़ली बहना योजना की हितग्राही महिलाओं को खुलेआम धमकाया गया कि यदि वे कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगी तो उनकी पेंशन बंद कर दी जाएगी। “यह लोकतंत्र नहीं, दबाव और डर की राजनीति है,” उन्होंने कहा।
मामले पर जीतू पटवारी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि “प्रशासनिक मजबूरी और राजनीतिक दिखावे की कीमत पर हुई मौतें” हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये मुआवजा देने और घायलों के समुचित इलाज की मांग की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा घोषित 4 लाख रुपये की सहायता राशि को कांग्रेस ने “औपचारिकता” बताते हुए खारिज किया और कहा कि इतनी बड़ी त्रासदी में यह मुआवजा बेहद अपर्याप्त है।
कांग्रेस ने मांग की है कि जिन अधिकारियों और जिम्मेदारों के आदेश पर लोगों को जबरन लाया गया, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। मरावी ने चेतावनी देते हुए कहा कि “यदि इस तरह गरीब और आम जनता को राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए दबाव में लाया जाता रहा, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी।”
उन्होंने अंत में कहा कि सरकार यह न भूले कि योजनाएं जनता के टैक्स के पैसे से चलती हैं, किसी पार्टी की कृपा से नहीं।

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