आदर्श वनग्राम चांडा के ग्रामीणों ने समस्याओं को लेकर सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी

दैनिक रेवाँचल टाईम्स- बजाग बैगा बाहुल्य आदर्श वनग्राम चांडा के ग्रामीणों ने ग्राम में व्याप्त विभिन्न गंभीर समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर संयुक्त तहसील कार्यालय पहुंचकर अनुभागीय अधिकारी (राजस्व) को हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन सौंपा। इस दौरान सरपंच गोविंद बोरकर, ग्राम पंचायत के पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत चांडा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों तांतर , सिलपिडी ,में मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने प्रमुख रूप से मनरेगा कार्यों में एनएमएमएस (NMMS) ऐप एवं नेटवर्क समस्या को उठाया। उन्होंने बताया कि नेटवर्क नहीं होने के कारण मजदूरों की ऑनलाइन हाजिरी दर्ज नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें मजदूरी भुगतान में कठिनाई हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए ऑफलाइन मस्टर की व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है।
इसके साथ ही पेयजल समस्या को लेकर भी नाराजगी जताई गई। ग्रामीणों ने बताया कि जल निगम द्वारा बिछाई गई पाइपलाइन को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। गर्मी के मौसम में इससे जलसंकट गहराता जा रहा है और लोगों को पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि शासन द्वारा बैगा बाहुल्य वनग्राम चांडा को आदर्श ग्राम घोषित किए जाने के बावजूद यहां आज भी बुनियादी समस्याएं बनी हुई हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मजदूरों की हाजिरी हेतु ऑफलाइन व्यवस्था लागू की जाए, लंबित मजदूरी का शीघ्र भुगतान किया जाए तथा पेयजल समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया, तो वे 6 अप्रैल 2026 को शहडोल–पंडरिया स्टेट हाईवे पर ‘चक्का जाम’ एवं धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।

वही ग्रामीणों ने बताया कि उनकी मांग पर तत्काल सुनवाई करते हुए एस डी एम ने पी एच ई विभाग के अधिकारियों को तत्काल ही व्यवस्था में सुधार करने हेतु निर्देशित किया है!

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