दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, विश्व स्वास्थ्य दिवस पर जन स्वास्थ्य अभियान मध्यप्रदेश द्वारा कल प्रेमानंद आश्रम जिलहरीघाट में व्यवसायिक एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर परिचर्चा आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जन स्वास्थ्य इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक अमुल्य निधि ने अपने उद्बोधन में कहा कि वायु प्रदूषण आज हमारे समय का सबसे मौन लेकिन सबसे घातक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बन चुका है। शहर हों या गांव, हर जगह हवा में घुले अदृश्य जहरीले कण, जैसे औद्योगिक धुआं, वाहनों का उत्सर्जन, थर्मल पावर प्लांटों की राख, न्यूक्लियर पावर प्लांट से निकलने वाला रेडियोधर्मी घातक कचरा और घरेलू ईंधन का धुआं लोगों की सांसों पर भारी पड़ रहा है। प्रदूषण को रोकना अब केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं रहा,यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका लैंसेट की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में भारत में 17 लाख मौतें वायु प्रदूषण के कारण हुईं है। अमुल्य निधि ने बताया कि जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया विश्व स्वास्थ्य दिवस पर देश के पंद्रह राज्यों में व्यवसायिक एवं पर्यावरणीय स्वास्थ्य प्रभाव को लेकर एक सप्ताह का अभियान चला रहा है।जन संघर्ष मोर्चा महाकौशल के विवेक पवार ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी के कारण 30 से अधिक लोगों की मृत्यु और 500 से अधिक लोगों के बीमार होने की घटनाएं इस संकट की गंभीरता को दर्शाती है। चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष दादु लाल कुङापे ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में घातक परमाणु परियोजना बना कर सरकार भोपाल गैस त्रासदी को दोहराने जा रही है। बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ के राज कुमार सिन्हा ने कहा कि वायु प्रदूषण अब भविष्य की नहीं, आज की आपदा है। अगर संसद, सरकार और समाज ने इसे स्वास्थ्य आपातकाल की तरह नहीं लिया, तो इसकी कीमत हमें सांसों से चुकानी पड़ेगी। एडवोकेट अंजना कुररीया, विवेक अवस्थी, अमित पांडेय, सरवन रजक,राम प्रसाद काजले, शारदा यादव ,शिव कुमार चौधरी, भुवन बर्मन, हरीओम नागेश, मनोहर लाल जाटव ने भी अपनी बात रखी। कार्यक्रम में शामिल राजीव गांधी पंचायती राज संगठन, जिंदगी बचाओ अभियान हरदा – नर्मदापुरम, आदिवासी अधिकार राष्ट्रीय मंच,जन संघर्ष मोर्चा बालाघाट- मंडला, बरगी बांध विस्थापित एवं प्रभावित संघ,चुटका परमाणु विरोधी संघर्ष समिति, किंदरई परमाणु परियोजना विरोधी संघर्ष समिति घंसौर सिवनी, स्वराज अभियान के प्रतिनिधियों ने सरकार से मांग किया है कि हवा, पानी और मिट्टी के प्रदूषण को रोकने के लिए नियामक प्रणाली (रेगुलेटरी सिस्टम) को मजबूत किया जाए और पर्यावरण के मानकों को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित हो।सुरक्षित और साफ पीने के पानी तक सबकी पहुंच की गारंटी हो और देश भर में पीने के पानी के सभी स्रोतों की जांच किया जाए और रिपोर्ट सभी को उपलब्ध कराया जाए।जलवायु परिवर्तन को कम करने और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़े राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं को लागू करना सुनिश्चित हो।ऐसे न्यूक्लियर और थर्मल पावर प्लांट्स के विस्तार को रोकना जो पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा करता है।
राज कुमार सिन्हा (9424385139)
विवेक पवार (8770058897 )