मंडला–डिंडोरी को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी? राज्यसभा में जोरदार तरीके से उठी मांग

पेंड्रा रोड–अमरकंटक- डिंडोरी –मंडला –गोटेगांव (श्रीधाम )तक नई रेल लाइन की जोरदार मांग ,

 

दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले के आदिवासी बहुल और विकास की राह देख रहे क्षेत्रों के लिए एक बड़ी उम्मीद जगी है। राज्यसभा सांसद फूलो देवी नेताम ने संसद के उच्च सदन में ‘शून्यकाल’ के दौरान छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाली एक महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया।

उन्होंने केंद्र सरकार से पेंड्रा रोड–अमरकंटक–डिंडोरी–मंडला–घंसौर–लखनादौन–गोटेगांव (श्रीधाम) तक नई रेल लाइन के शीघ्र निर्माण और विस्तार की मांग की।

धार्मिक और पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा क्षेत्र
सांसद नेताम ने कहा कि यह रेल लाइन केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी जीवनरेखा है।
अमरकंटक और नर्मदा नदी उद्गम स्थल तक सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलने से धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिलेगा।

आदिवासी अंचलों को मिलेगी नई पहचान
यह परियोजना छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के पिछड़े और आदिवासी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में मील का पत्थर साबित हो सकती है।
डिंडोरी और मंडला जैसे जिले, जो वर्षों से रेल सुविधा का इंतजार कर रहे हैं, इस लाइन के जरिए राष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़ पाएंगे।

इससे इटारसी जंक्शन के माध्यम से दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों तक सीधी पहुँच संभव हो सकेगी।

प्रस्तावित रेल लाइन के मुख्य केंद्र:-

1पेंड्रा रोड – ज्वालेश्वर धाम, लक्ष्मण धारा, झोझा जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता और केंदा घाटी के एवम अचनकमार के वादियों के अनुपम दृश्यों के लिए प्रसिद्ध।

2.अमरकंटक: माँ नर्मदा जी का उद्गम स्थल आस्था और पर्यटन का केन्द्र .माँ नर्मदा का उद्गम स्थल हिंदुओं के लिए एक पवित्र तीर्थस्थल और मैकल पर्वतमाला की सबसे ऊँची चोटी।

3. डिंडोरी –आदिवासी आंचल के लोगो को पहली बार रेल से जुड़ने का मौका मिलेगा.जीवाश्म (Fossils) यहाँ के घुघुआ फॉसिल पार्क में लाखों साल पुराने पौधों के जीवाश्म मिलते हैं।

4. मंडला: आदिवासी विकास और व्यापार को बढ़ावा,कान्हा नेशनल पार्क पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा,गोंड- लोधी राजाओं की ऐतिहासिक भूमि और बाघों के लिए विश्व प्रसिद्ध नेशनल पार्क।

5.घंसौर – क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत के साथ व्यापार को बढ़ावा,कलचुरी कालीन इतिहास, नागा बाबा पुरातात्विक संपदा और औद्योगिकीकरण (पावर प्लांट) का मेल।

6.लखनादौन:पहली बार रेल लाइन से जुड़ने का मौका, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत,पेंच राष्ट्रीय उद्यान ‘मोगली लैंड’ के नाम से मशहूर, जो रुडयार्ड किपलिंग की ‘द जंगल बुक’ की प्रेरणा है।

7.गोटेगांव (श्रीधाम): दिल्ली–मुंबई रेल कॉरिडोर से जुड़ाव,झोतेश्वर (परमहंसी गंगा आश्रम) आध्यात्मिक केंद्र और सतपुड़ा की पर्वत श्रृंखलाओं का प्रवेश द्वार।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई गति
सांसद फूलो देवी नेताम ने जोर देकर कहा कि यह परियोजना लंबे समय से लंबित है और इसे प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
इससे न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि—
स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा
पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी

पहले ही हो चुका है सर्वे – अब FLS की मांग

इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना को लेकर सबसे अहम बात यह है कि:
रेलवे बोर्ड द्वारा वर्ष 2012-13 में सर्वे (RECT) स्वीकृत किया गया था
सर्वे का कार्य पूरा कर 28.07.2015 को रेलवे बोर्ड को रिपोर्ट भेज दी गई
कुल लंबाई: 406.2 किलोमीटर
अनुमानित लागत: ₹4395.85 करोड़
ROR (Return on Rate): +1.66% (सकारात्मक)

अब मांग की जा रही है कि इस परियोजना का Final Location Survey (FLS) जल्द से जल्द कराकर इसे स्वीकृति दी जाए।

दूरी आधी होगी – रेलवे को सीधा फायदा
वर्तमान में रेल मार्ग काफी लंबा और घुमावदार है:
बिलासपुर → अनूपपुर → शहडोल → कटनी → जबलपुर = 408 किमी
बिलासपुर → गोंदिया → बालाघाट → नैनपुर → जबलपुर = 517 किमी
लेकिन प्रस्तावित नया रेल मार्ग बनने के बाद दूरी लगभग आधी रह जाएगी

इससे रेलवे को ईंधन और समय की बचत यात्रियों को तेज और सीधी कनेक्टिविटी व्यापारिक गतिविधियों में तेजी

इसके साथ ही राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलो देवी नेताम जी ने कुछ और मांग रखी है :-
* कोरबा-बीकानेर एक्सप्रेस का संचालन जल्द शुरू किया जाए
* कोरबा से नई दिल्ली के बीच नई ट्रेन की काफी जरूरत है
* कोरबा स्टेशन की तैयार पिट लाइन को तुरंत चालू किया जाए
* रायपुर-सिकंदराबाद ट्रेन और नागपुर-मुंबई दुरंतों ट्रेन का विस्तार बिलासपुर तक किया जाए

अब सबकी नजर रेल मंत्रालय पर
इस मुद्दे के संसद में उठने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि रेल मंत्रालय इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के सर्वे, स्वीकृति और बजट आवंटन की प्रक्रिया में तेजी लाएगा।

रेल लाइन को लेकर कुछ जानकारी बताते हैं
नितिन सोलंकी (Rail Activist):- “हम केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय से मांग करते हैं कि इस परियोजना को प्राथमिकता में लेकर जल्द से जल्द FLS सर्वे और निर्माण कार्य शुरू किया जाए, ताकि आदिवासी अंचल भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ जाएगा

मंडला यदि पेंड्रा मंडला गोटेगांव का प्रस्ताव जल्द पास हो जाए तो मंडला को बहुत बड़ी कनेक्टिविटी मिल जाएगी, व्यापार शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार की दिशा और दशा सुधर जायेगी”
अखिलेश सोनी रेल्वे संघर्ष समिति मंडला

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