रेवांचल टाइम्स मंडला शहर में एक ओर जहां करोड़ों रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से लैस बस स्टैंड का निर्माण और हाल ही में उसका जीर्णोद्धार किया गया है, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही और नियमों की अनदेखी के कारण पीडब्ल्यूडी कॉलोनी का आरक्षित मैदान बस अड्डे में तब्दील होता जा रहा है। यह मामला अब स्थानीय रहवासियों के लिए परेशानी का कारण बन चुका है।
जानकारी के अनुसार, मंडला का मुख्य बस स्टैंड न केवल विशाल है बल्कि अंतरराज्यीय बसों के संचालन के लिए भी पूरी तरह सक्षम है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में सरकारी और निजी बसों का आवागमन होता है। इसके अतिरिक्त, बस स्टैंड के समीप ही एक प्राइवेट बस स्टैंड भी संचालित है, जहां निजी बसों के ठहराव और संचालन की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध है। इसके बावजूद बस मालिकों द्वारा नियमों को ताक पर रखते हुए पीडब्ल्यूडी कॉलोनी के आरक्षित मैदान में बसें खड़ी की जा रही हैं।
यह मैदान मूलतः कॉलोनी के रहवासियों के लिए आरक्षित किया गया था। इसका उद्देश्य बच्चों के खेलने, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन, तथा सुबह-शाम टहलने और योग-व्यायाम जैसी गतिविधियों के लिए खुला और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना था। लेकिन वर्तमान स्थिति में यह मैदान बसों और चारपहिया वाहनों की अवैध पार्किंग का अड्डा बन गया है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार वाहन चालकों और बस मालिकों को मौखिक रूप से मना किया, लेकिन उनकी बातों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। वाहन मालिक मनमाने तरीके से अपने वाहन मैदान में खड़े कर रहे हैं, जिससे न केवल मैदान की उपयोगिता समाप्त हो रही है, बल्कि सुरक्षा और स्वच्छता के लिहाज से भी स्थिति चिंताजनक बन गई है।
गौरतलब है कि इस पीडब्ल्यूडी कॉलोनी में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर विभागों के कर्मचारी निवास करते हैं। इसके बावजूद समस्या का समाधान न होना कई सवाल खड़े करता है। रहवासियों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय प्रशासन को मौखिक जानकारी दी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शहर में बसों के लिए पर्याप्त और व्यवस्थित बस स्टैंड मौजूद है, तो फिर नियमों के विरुद्ध कॉलोनी के आरक्षित मैदान का उपयोग क्यों किया जा रहा है क्या बस मालिकों को प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है, या फिर संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों से बच रहा है बिना विभागीय की सहमति के बिना वाहन खड़ा नही किया जा सकता।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाले समय में यह स्थिति और भी विकराल रूप ले सकती है। मैदान की भूमि को स्थायी रूप से नुकसान पहुंच सकता है, और कॉलोनी का शांत वातावरण पूरी तरह समाप्त हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से इस अवैध पार्किंग पर रोक लगाई जाए, मैदान को उसके मूल उद्देश्य के लिए पुनः सुरक्षित किया जाए, और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, मैदान के चारों ओर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की भी मांग की गई है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस समस्या को कितनी प्राथमिकता देता है और कब तक कॉलोनीवासियों को इस परेशानी से राहत मिलती है। फिलहाल, पीडब्ल्यूडी कॉलोनी का यह आरक्षित मैदान अपनी पहचान खोकर अव्यवस्था और लापरवाही की एक मिसाल बन चुका है।