दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में कई तरह की गड़बड़ी सरकारी तंत्र के संरक्षण में की जा रही है। गड़बड़ियों पर लगाम लगाने के लिए इस जिले में कोई परिणामकारी प्रयास नहीं किये जा रहे हैं लगभग सभी सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भारी गोलमाल इस जिले में किया जा रहा है। योजनाओं का हकीकत के धरातल में क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। जिसकी वजह से योजनाओं का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है ।एक ऐसा ही मामला इस समय चर्चा का विषय बना हुआ है।
मंडला नगर में आवारा कुत्तों की नसबंदी को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप मचा दिया है। एक बंद कमरे से कुत्तों के सैकड़ों संदिग्ध अंग (ऑर्गन) बरामद होने के बाद यह मामला अब गंभीर जांच का विषय बन गया है।
पशु प्रेमी निशा ठाकुर की शिकायत पर जब राजस्व, नगरपालिका और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची, तो ताला तोड़कर अंदर से भारी मात्रा में कुत्तों के अंग बरामद किए गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, करीब 795 ऑर्गन जब्त किए गए, जिनमें सैकड़ों नर और मादा कुत्तों के अंग शामिल हैं।
सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो रहा है कि जब नगरपालिका रिकॉर्ड में अब तक केवल 6 कुत्तों की नसबंदी ही दर्ज है, तो आखिर इतनी बड़ी संख्या में ये अंग आए कहां से? यह स्थिति सीधे तौर पर नसबंदी प्रक्रिया में भारी अनियमितता और संभावित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करती है।
बताया जा रहा है कि इस मामले की शिकायत पहले भी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में मामला उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया और यह बड़ा खुलासा हुआ अब जनता की मांग है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अमानवीय लापरवाही दोबारा न हो।