Guru Purnima ke Upay: गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि और उपाय, जानें कैसे पाएं लक्ष्मी नारायण की कृपा

गुरु पूर्णिमा 10 जुलाई को मनाई जाएगी। आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो पूर्णिमा की तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस पर इस बार गुरु पूर्णिमा गुरुवार को है। जो श्री हरि विष्णु का दिन होता है। ऐसे में इस बार गुरु पूर्णिमा पर शुभ संयोग बन रहा है। गुरु पूर्णिमा पर भगवान विष्णु का पूजन करने और उपाय करने से लक्ष्मी नारायण की कृपा प्राप्त हो सकती है। साथ ही आर्थिक समस्याओं से छुटकारा भी मिल सकता है। ऐसे में आइये जानते हैं गुरु पूर्णिमा के उपाय और पूजा विधि।

गुरु पूर्णिमा की पूजा विधि

गुरु पूर्णिमा पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए। इसके साथ ही गुरु पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और पूजन का भी महत्व है। गुरु पूर्णिमा पर व्यासजी की पूजा विधि इस प्रकार हैः
आषाढ़ शुक्ल पूर्णिमा या गुरु पूर्णिमा के दिन सुबह स्नान आदि के बाद मंदिर में पूजन का संकल्प लें। पूजा का संकल्प गुरुपरम्परासिद्ध्यर्थं व्यासपूजां करिष्ये से ले सकते हैं। इसके बाद एक चौकी पर पीला कपड़ा फैलाएं और उस पर गन्धादि से 12-12 रेखाएं पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण की ओर बनाएं। इसके बाद दसों दिशाओं में अक्षत छोड़ें। फिर ब्रह्म, ब्रह्मा, परापरशक्ति, व्यास, शुकदेव, गौडपाद, गोविंदस्वामी और शंकराचार्य का नाम मंत्र से आवाहन आदि करके अपने गुरु, पिता या पितामह का पूजन करें।

गुरु पूर्णिमा के उपाय

  • गुरु पूर्णिमा के दिन गुरु का चरण पूजन करना चाहिए। दान-सेवा करें। अगर विवाहित हैं तो सपत्नी करें।
  • व्यासजी की पूजा करनी चाहिए। घर में पुराण की भी पूजा करें और पाठ करें। इस दिन गीता का पाठ करने का बड़ा महत्व है।
  • देवी लक्ष्मी को शहद और खीर का भोग लगाएं। शाम के समय दूध से चंद्रमा को अर्घ्य दें और ॐ चंद्रमसे नमः या ॐ सों सोमाय नमः का जप करें।
  • कनकधारा स्तोत्र या श्रीसूक्त का विधि विधान से पाठ करें। कम से कम तीन या 11 बार पाठ करना लाभकारी रहेगा। इससे आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
  • कमलगट्टे की माला से ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्मी नमः मंत्र का जप करें।
  • पांच वर्ष की कन्याओं को फल और मिठाई का दान करें। और उनकी पूजा करें।
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