कलश यात्रा निकाल कर किया पंथ गुरु का भव्य स्वागत
कबीरपंथी समाज के पंथ श्री उदित मुनि के आगमन पर उमड़ा जनसैलाब
दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – सद्गुरु कबीर नवोदय यात्रा के दौरान पंथ श्री हुजूर उदित मुनि नाम साहेब के प्रथम नगरगमन पर कबीर पंथी समाज के लोगो ने भव्य स्वागत किया। उनके स्वागत के अवसर पर नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें जनसैलाब उमड़ पड़ा।इस बेला पर समाज के लोगो द्वारा हजारों की संख्या में शामिल होकर उनका हार्दिक अभिनंदन किया गया। सोमवार को लगभग 2 बजे कबीर पंथी समाज के श्री पंथ गुरु का आगमन हुआ।उनके स्वागत के लिए कबीर भवन से एक किमी तक लंबी कतारबद्ध कलश यात्रा निकाली गई जिसमें महिला पुरुष और बच्चे हजारों की संख्या में शामिल हुए।जो कि सेंट्रल बैंक के समीप पहुंची।जहा श्री उदित मुनि साहब का उत्साह के साथ आत्मीय स्वागत किया गया। तत्पश्चात श्री पंथ गुरु साहब रथ में सवार होकर कबीर भवन की ओर रवाना हुए । शोभायात्रा के दौरान सामाजिक जनो द्वारा बैंड बाजे और डीजे की धुन पर आतिशबाजी करते हुए नाचते हुए उत्साह के साथ नगर भ्रमण किया गया। मुख्य आयोजन बी आर सी मैदान में रखा गया। जहां प्रातः आठ बजे से महिमा पाठ, सत्संग भजन,कबीर भवन में निशान पूजा ,सामूहिक आरती ,वृक्षारोपण, बाल सभा, आशीर्वचन, एवं बालसभा कार्यक्रम संपन्न हुए। इस मौके पर समारोह स्थल पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया था। जहां धर्मप्रेमियों का दिनभर तांता लगा रहा।और लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया। श्री पंथ गुरु साहब कबीर भवन में ध्वजारोहण करने के पश्चात कार्यक्रम स्थल पधारे जहां उनके द्वारा दिए गए प्रवचन को समाज के लोगो ने आत्मसात किया। कबीर पंथ के सोलहवें नवोदित वंशाचार्य श्री उदित मुनि नाम साहेब ने धार्मिक आयोजन में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जीव आत्म पूजा एवं सद्गुरु कबीर साहब के मार्ग पर चलकर उनके आध्यात्मिक जीवन का अनुसरण करे। उन्होंने अपने उदगार में कहा कि बुद्ध ने महल का त्याग किया शांति के लिए और आज के युग में लोग महल के लिए शांति का त्याग कर रहे है।उन्होंने कहा कि सत्य को पहचानने की कोशिश करो। उन्होंने कबीर चबूतरा में हरे भरे पेड़ो के कत्लेआम पर दुख प्रकट किया। इस आयोजन में बहुसंख्या में कबीर पंथी समाज के बंधुजन उपस्थित रहे।