मंडला…. मध्य प्रदेश के मंडला जिले में हर तरफ धांधली का आलम है जहां देखो वहां सिर्फ गड़बड़ी ही गड़बड़ी हो रही है यह सब कुछ शासन प्रशासन की लापरवाही की वजह से हो रहा है ऐसा लोगों का मानना है लोगों का मानना यह भी है कि सब कुछ सरकारी तंत्र के संरक्षण में इस जिले में हर काम में गड़बड़ी हो रही है अब रेलवे नैनपुर की गड़बड़ी भी सामने आई है मध्य प्रदेश के मंडला जिले मेंरेलवे के कामों की कोई जांच पड़ताल तो की नहीं जा रही है साथ में मंडला जिले की तहसील नैनपुर रेलवे के वाहन स्टैंड की भी जांच नहीं की जा रही है नैनपुर रेलवे के वाहन स्टैंड के संबंध में चर्चा चल रही है कि यहां पर यदि दो-तीन दिन या एक सप्ताह के लिए वाहन रख दिया जाता है तो उसकी अधिकतम राशि वसूल की जाती है जिसकी कोई रसीद वाहन मालिकों को नहीं दी जाती है जितना पैसा वसूल किया जाता है उतने पैसे की विधिवत रसीद आज तक किसी को नहीं दी जा रही है एक रसीद जैसा कागज दिया जाता है जिसमें शुल्क लिखा रहता है प्रति घंटे ,प्रतिदिन, सप्ताह व एक माह का शुल्क लिखा रहता है उसी के अनुसार राशि ली जाती है वह रसीद भी वाहन स्टैंड में जमा कर ली जाती है लोगों का सवाल है कि जो पैसा लिया जाता है जितना पैसा लिया जाता है उसकी रसीद अलग से क्यों दी नहीं जाती हैजो कागज थमाया जाता है वह तो सिर्फ शुल्क का विवरण रहता है विवरण वाली रसीद रहती है पैसे लेने वाली कोई रसीद नहीं दी जाती है यहां पर हमेशा विवाद भी होता रहता है इसी वजह से विवाद होता है वाहन मालिकों से अनाप-शनाप पैसा यहां पर वसूल किए जाने की चर्चा चल रही है तत्काल यहां पर नियंत्रण किया जाए वाहन मालिक को सही रसीद दी जाए शुल्क विवरण की रसीद नहीं दी जाए जो पैसा लिया जाता है उसका अलग से रसीद दिया जाना चाहिए वाहन स्टैंड के ठेकेदार और उनके कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जावे इसके अलावा जिसे भी यहां पर वाहन स्टैंड का ठेका दिया गया है उसे तत्काल यहां से हटाया जाए और किसी दूसरे को वाहन स्टैंड का ठेका दिया जाए ऐसी जन अपेक्षा है।