सावन के अंतिम सोमवार को शिवलिंग पर चढ़ाए ये 5 वस्तुएं, पूरी होगी हर मनोकामना

सावन का सिद्ध एवं पावन महीना चल रहा है। जिसे भगवान शिव की भक्ति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि जो भी भक्त इस महीने में निश्छल एवं सह्रदय मन से भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करता है उसकी हर मनोकामना भगवान भोलेनाथ पूरी करते है।

इसके अलावा, भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। साथ ही परिवारिक और मानसिक कल्याण भी होता है। सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित माना गया है, और सावन के प्रत्येक सोमवार का विशेष महत्व होता है।

आपको बता दें, इस बार 4 अगस्त 2025 को सावन का अंतिम सोमवार पड़ रहा है। ऐसे में अगर आप भी इस विशेष दिन पर भोलेनाथ की कृपा पाना चाहते हैं, तो शिवलिंग पर इन पांच खास चीजों का अर्पण अवश्य करें।

सावन के अंतिम सोमवार पर शिवलिंग पर चढ़ाएं ये पांच चीजें :

  • बिल्व पत्र चढ़ाएं

सावन के अंतिम सोमवार पर शिवलिंग पर बिल्व पत्र चढ़ाएं। भोले बाबा का ये अत्यंत प्रिय भी होता है, सावन की पूजा में आप शिवलिंग पर नियम से 3 या 5 बिल्व पत्र चढ़ाएं। इससे पापों का नाश होता है और जातकों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

  • धतूरा चढ़ाएं

भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर धतूरे के फल या फूल चढ़ाना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

  • रुद्राक्ष चढ़ाएं

शिवजी के प्रतीक रुद्राक्ष को शिवलिंग पर अर्पित करना भी बहुत पुण्यकारी होता है। आप चाहें तो एक रुद्राक्ष या रुद्राक्ष की माला शिवलिंग पर अर्पित कर सकते हैं। इससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में आर्थिक उन्नति तथा मानसिक शांति आती है।

  • कच्चा दूध चढ़ाएं

भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर कच्चा दूध चढ़ाकर अभिषेक करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इसमें शहद मिलाकर चढ़ाना भी उत्तम होता है। यह पूजा संतान सुख, वैवाहिक जीवन की शांति और मन की शुद्धता के लिए विशेष लाभकारी होती है।

  • गंगाजल चढ़ाएं

सावन मास में कांवड़ यात्रा भी होती है, जिसमें गंगा जल या किसी पवित्र नदी का जल शिवलिंग पर चढ़ाने का महत्व होता है। ऐसे में सावन के इस आखिरी सोमवार की पूजा के लिए आपको भी शिवलिंग पर गंगाजल से अभिषेक कर पुण्य की प्राप्ति करनी चाहिए। इससे आत्मिक शुद्धि होती है और कुंडली का दोष भी होता है।

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