हिंदू धर्म (Hinduism) में पितृपक्ष 2025 (Pitru Paksha 2025) का बहुत बड़ा महत्व माना गया है। इस दौरान हिंदू परिवारों में लोग अपने पूर्वजों का श्राद्ध (Ancestors. Shraddha) तर्पण और पिंडदान (Tarpan and Pinddaan) करते हैं। माना जाता है कि ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होकर परिवार को आशीर्वाद देते हैं। हालांकि अन्य धार्मिक कार्यों की तरह पितृपक्ष से भी जुड़े कुछ जरूरी नियम बताए गए हैं। जिनका पालन श्राद्ध में करना जरूरी बताया गया है। ऐसा ही एक नियम इस दौरान फ्रिज में रखें गूंथे हुए आटे को लेकर भी है। कहा जाता है कि रात को कभी भी फ्रिज में आटा गूंथकर नहीं रखना चाहिए। बासी आटे की रोटी खाने की मनाही के इस नियम के पीछे आइए जानते हैं क्या है धार्मिक और वैज्ञानिक कारण।
धार्मिक कारण
हिंदू धर्म शास्त्रों में बासी भोजन को भूत का भोजन माना जाता है। यही वजह है कि पितृपक्ष के दौरान फ्रिज में रखा बासी गूंथा हुआ आटा पिंड के समान माना जाता है। हिंदू मान्यताओं के अनुसार फ्रिज में गूंथा हुआ आटा रखने से जीवन में ना सिर्फ अशुभ प्रभाव पड़ता है बल्कि नकारात्मक ऊर्जा भी बढ़ सकती है। ऐसा करने वाले लोगों के घरों में रोग, क्लेश और अशांति बनी रहती है।
वैज्ञानिक कारण
गूंथे हुए आटे को फ्रिज में नहीं रखने के पीछे सिर्फ धार्मिक कारण ही नहीं बल्कि वैज्ञानिक कारण भी बताए गए हैं। आयुर्वेद के अनुसार, बासी आटे से बनी रोटियां शरीर में विषैले तत्व पैदा करती हैं। बता दें, आटा गूंथने के बाद उसमें तुरंत रासायनिक प्रक्रियाएं शुरू हो जाती हैं। ऐसे में अगर उसे लंबे समय तक फ्रिज में स्टोर करके रखा जाए तो उसमें ठंडक और नमी के कारण फर्मेंटेशन की प्रक्रिया तेजी से शुरू हो जाती है, जिससे उसके भीतर हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इसके अलावा फ्रिज से निकलने वाली कुछ हानिकारक तरंगें और नमी आटे की गुणवत्ता को खराब कर देती हैं। जिससे बासी आटे की रोटियां पचने में कठिन होने के साथ पाचन से जुड़ी बीमारियां जैसे गैस, एसिडिटी, फूड पॉइजनिंग और संक्रमण का खतरा बढ़ा देती हैं।