लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद दिखाई नहीं दे रहे परिणाम, रिश्वतखोर बिना कार्यवाही है हो रहे बेलागम
रेवांचल टाईम्स – मंडला, मध्य प्रदेश के मंडला जिले में भ्रष्टाचार रिश्वत ग़बन की गंगा बह रही है, इस जिले में रिश्वतखोर सरेआम धांधली कर रहे हैं लगातार अखबारों में रिश्वतखोरों की रिश्वतखोरी का समाचार सुर्खियां बन रही है। और लगातार इस जिले में लोकायुक्त आर्थिक अपराध अंबेषण ब्यूरो जबलपुर द्वारा रिश्वतखोरों को पकड़ने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है लेकिन रिश्वतखोरों पर दंड का क्या विधान निश्चित किया जा रहा है यह जानकारी नागरिकों को ज्ञात नहीं हो पा रही है नागरिक सवाल कर रहे हैं कि रिश्वतखोरों को पकड़ा तो जा रहा है लेकिन उनके ऊपर क्या कार्रवाई की जा रही है यह ज्ञात नहीं हो पा रहा है देखा या जा रहा है कि मंडला जिले में सरकारी तंत्र अत्यंत भ्रष्ट हो चुका है, जिला प्रशासन से लेकर विधायक सांसद मंत्री तक मौन साधे हुए इसके पीछे की वजय समझ के परे है शायद इसलिए ही अधिकारी कर्मचारी इस जिलों को अपना चारागाह बना रखा हुआ है, यहां पर भ्रष्ट अधिकारी मौज कर रहे हैं लोकायुक्त और आर्थिक अपराध अंबेषण ब्यूरो जबलपुर की कार्यवाही तो हो रही है लेकिन सिर्फ पकडने तक ही सिमट कर नजर आ रही है और भ्रष्ट रिश्वत खोर पुनः अपनी जगह पर दिखाई पड़ रहे है और रिश्वत ख़ोरी में पकड़े जाने के बाद और तेजी से खुलेआम अब भ्रष्टाचार करते हुए बेखौफ होकर उसी ऑफिस में बैठ रिश्वत का रेट बढ़ाये जाने की जानकारियां प्राप्त हो रही हैं, इन्हें अब पकड़े जाने का कोई भय नही बल्कि पकड़े जाने के बाद अब इन्हें रिश्वत लेने का लाइसेंस दे दिया गया हैं अब मंडला जिले की जनता जाँच एजंसियों पर तरह तरह की बात कर रही है क्योंकि बीते कुछ वर्षों में जाँच एजंसियों के द्वारा भ्रष्टाचार और रिश्वत ख़ोरी के मामंले पकड़ने की कार्यवाही की है, वह उम्मीद में खरे नही उतर पा रहे हैं, भ्रस्टो पर यह कार्रवाई सीमित है जबकि इसके बाद क्या कार्रवाई हो रही है कुछ पता नहीं चल पा रहा है रिश्वतखोरों पर दंड का विधान क्या निश्चित किया जा रहा है विगत पांच वर्षों का रिकॉर्ड उठाकर देखा जाए तो पता चलेगा कि कई रिश्वतखोर अधिकारी कर्मचारी जिन्हें लोकायुक्त द्वारा पकड़ा गया है, उन पर शासन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई की गई है लेकिन दंड का कोई विधाननिश्चित हो रहा है या नहीं इस विषय पर जानकारी नहीं मिल पा रही है जनता की अपेक्षाएं की तत्काल इस विषय पर ध्यान दिया जाए लोकायुक्त द्वारा जो भी कार्रवाई की गई है उसमें दंड का विधान शीघ्र निश्चित किया जाए ऐसी जन अपेक्षा है। और जनता को जाँच एजेंसियों पर भरोसा बना रहे ऐसा न हो कि धीरे धीरे जनता का जिन पर भरोसा है उनसे भी उठ जाए फिर जनता स्वयं सड़को में आकर विरोध न करना पड़ जाए ये बड़ा सवाल हैं।