सीएम डॉ. मोहन यादव का संवेदनशील कदम… जबलपुर का कार्यक्रम रद्द कर कफ़ सिरप त्रासदी के पीड़ितों से मिले

​जबलपुर दौरा निरस्त कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अचानक पहुँचे परासिया; न्यूटन और बेलगांव के शोक संतप्त परिवारों से मिलकर साझा किया दुःख़

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संवेदनशीलता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए, जबलपुर में अपना पूर्व निर्धारित कार्यक्रम तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इसके बजाय, वह सीधे छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र के न्यूटन और बेलगांव पहुँचे, जहाँ जहरीले कफ़ सिरप से प्रभावित परिवारों के घर जाकर उन्होंने उनके दुःख में अपनी सहभागिता व्यक्त की।
​हाल ही में, परासिया क्षेत्र में जहरीले ‘कोल्ड्रिफ’ कफ़ सिरप के सेवन से कई बच्चों की दुखद मृत्यु हो गई थी, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर त्रासदी से प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से उनके दुःख को बांटा।
​मुख्यमंत्री ने बढ़ाया संबल का हाथ
​न्यूटन और बेलगांव में मुख्यमंत्री ने उन माता-पिता से मुलाकात की, जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को ढांढस बंधाया और उन्हें भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी है। इस दौरान उन्होंने प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और इलाजरत बच्चों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की घोषणा भी की।
​डॉ. यादव का यह दौरा केवल एक औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि यह दर्शाता है कि सरकार इस गंभीर स्वास्थ्य संकट के प्रति कितनी गंभीर और चिंतित है। उन्होंने अधिकारियों को इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बताया जाता है कि
​इस घटना की गहन जाँच के लिए पहले ही विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया जा चुका है और कफ़ सिरप बनाने वाली कंपनी के साथ-साथ लापरवाह पाए गए डॉक्टर पर भी कार्रवाई की गई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की मौत के लिए ज़िम्मेदार किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
​डॉ. मोहन यादव के इस संवेदनशील निर्णय को जनता के बीच खूब सराहना मिल रही है। यह दिखाता है कि राजनीति से ऊपर उठकर, वे संकट की इस घड़ी में आम लोगों के साथ खड़े हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कड़ा एक्शन तीन अधिकारी निलंबित
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में जहरीले कफ सिरप के सेवन से हुई बच्चों की मौत के गंभीर मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि मानव जीवन की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
​निलंबित किए गए अधिकारी
​लापरवाही और कर्त्तव्य में चूक के आरोप में जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
​शोभित कोष्टा: उप औषधि नियंत्रक एवं नियंत्रण प्राधिकारी, औषधि प्रशासन, भोपाल।
​शरद जैन: औषधि निरीक्षक, जबलपुर।
​गौरव शर्मा: औषधि निरीक्षक, छिंदवाड़ा।
​इन अधिकारियों पर दवा वितरण और निरीक्षण प्रक्रिया में अनियमितता बरतने का आरोप है, जिसके कारण यह हृदय विदारक घटना हुई।
​कठोर कार्रवाई के निर्देश
​मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस दुखद घटना पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संवेदनशील मामले में पूरी तरह सजग है।
​कोल्ड्रिफ सिरप पर प्रतिबंध
मुख्यमंत्री ने विवादित ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ के विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगाने और दुकानों में उपलब्ध समस्त स्टॉक जब्त करने के निर्देश दिए हैं।
​सघन रिकवरी अभियान
छिंदवाड़ा और आसपास के क्षेत्रों में जिन परिवारों ने यह दवा खरीदी है, उनके घरों से दवा वापस लेने के लिए एक सघन अभियान चलाने का आदेश दिया गया है।
​अन्य कार्रवाई
इससे पहले, मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी को निलंबित किया जा चुका है और दवा निर्माता कंपनी के साथ-साथ डॉ. सोनी के विरुद्ध भी FIR दर्ज की गई है।
​मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्वास्थ्य एवं औषधि प्रशासन विभाग को पूरी सावधानी बरतने और भविष्य में सख़्ती से नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने होंगे।

Comments (0)
Add Comment