निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामीणों द्वारा की गई अभद्रता

कार्यवाही से बचने के लिए सहायक संचालक पर लगाए झूठे आरोप

रेवाँचल टाईम्स- छिंदवाड़ा महिला बाल विकास में सहायक संचालक के पद पर पदस्थ हेमंत छेकर को आगंनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा ग्रामीणों ने इकलविहरी उमरानाला में निरीक्षण के दौरान घेर लिए और अभद्रता की गई।
जो सोशल मीडिया में तेजी से वीडियो वायरल हो रहा है। हेमंत छेकर द्वारा बताया गया है कि परियोजना मोहखेड़ अंतर्गत विभिन्न आंगनवाड़ी
केन्द्र तंसरामाल-1, बैल बाजार, उमरानाला 4 एवं इकलबिहरी का निरीक्षण दिनांक 03-10-2025 एवं 04-10-2025 को किया गया था। निरीक्षण का उद्देश्य केन्द्रों में पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम की प्रगति, उपस्थिति, टी. एच. आर. वितरण तथा नाश्ता-भोजन व्यवस्था की समीक्षा करना था ।
इकलबिहरी क्रमांक 1 एवं क्रमांक 2 दोनों केन्द्रों पर कार्यकर्ता एवं सहायिकाएँ सुबह 9:00 बजे तक अनुपस्थित रहीं।
उपस्थित कार्यकर्ताओं से पोषण
पखवाड़ा की थीम एवं दैनिक गतिविधियों के विषय में पूछे जाने पर सही उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। कार्यकर्ता रेखा पवार ने निरीक्षण के दौरान पर्यवेक्षक को कॉल कर पुष्टि की कि निरीक्षणकर्ता हेमन्त छेकर, सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास हैं। तत्पश्चात कार्यकर्ता श्रीमती शमीम के पुत्र जो स्वयं को पत्रकार बताते हैं षडयंत्रत पूर्वक केन्द्र पर आए एवं मेरे प्रति असहयोगात्मक एवं आक्रामक व्यवहार किया ओर उन्होंने स्थानीय व्यक्तियों एवं जनप्रतिनिधियों को केन्द्र पर बुलाया, जिन्होंने मेरे विरुद्ध अभद्र भाषा का प्रयोग किया, हाथापाई की, कपड़े फाड़ने एवं मोबाइल छीनने का प्रयास किया। ड्राइवर को भी मारने का प्रयास किया गया तथा जान से मारने धमकी दी गई। ओर कहा गया कि यह गांव हमारा है, तुझे यहीं जान से निपटा
देंगे। इस शब्दों का उपयोग किया गया। उक्त स्थिति बिगड़ने पर पुलिस
चौकी उमरानाला को सूचित किया गया, जहाँ से पुलिस वाहन मौके पर पहुंची एवं मुझे सुरक्षित थाने लाया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता रेखा पवार के पति तथा कार्यकर्ता शमीन के पुत्र द्वारा मुझसे अत्यंत अभद्र भाषा में कहा गया। कहा गया कि तू कौन सी जात का है रे साले, यह गांव हमारा गढ़ है, तुझे यहीं जान से निपटा देंगे। तू स्व सहायता समूह के बारे में पूछ रहा है ना, देख ये है स्व सहायता समूह। न नाश्ता देंगे, न खाना, तू क्या कर लेगा। मनमर्जी से हम आंगनबाड़ी संचालित करेंगे।
यह कहते हुए उन्होंने मुझ पर हाथ उठाया और अपने साथी पत्रकारों से वीडियो बनवाया, जिससे समाचार प्रकाशित करने की धमकी दी गई। स्व सहायता समूह की महिलाओं के पतियों द्वारा गाली-गलौच, छीना-झपटी की गई तथा कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई।
आंगनवाड़ी केन्द्र तंसरा-1 की कार्यकर्ता एवं सहायिका के परिवार वालों ने देख लेने की धमकी दी। उमरानाला-4 केन्द्र की कार्यकर्ता ने मुझसे कहा अब देखती हूं तू आगे से कैसे निरीक्षण करने आता है।
सहायिका से कार्यकर्ता में मेरा प्रमोशन मैंने खुद करवाया है, तू होता
कौन है यह जानने वाला। यह गांव मेरा है और जो लोग तुझे पीट रहे हैं, वे सब मेरे आदमी हैं। इस दौरान एक व्यक्ति, जो स्वयं को उमरानाला 4 केन्द्र की सहायिका का पति तथा स्थानीय पत्रकार बता रहा था, उसने मुझसे 210,000/-में मामला निपटाने की बात कही। जब मैंने कहा कि चलो, थाने पर बात करते हैं, तो उसने कहा अगर तू थाने गया तो तुझे वहीं से जेल भिजवा दूंगा।
उक्त प्रकरण की सूचना तुरंत उमरानाला थाना को दी गई, जिसके बाद पुलिस वाहन मौके पर पहुंची। तत्पश्चात मैं और वाहन चालक सुरक्षित थाने पहुंचे। इस संबंध में आवश्यक विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई हेतु उचित निर्देश जारी करने की बात कही गई ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न घटें। बताया गया है कि निरीक्षण के दौरान कई आंगनबाड़ी में लापरवाही देखने को मिली। घटनास्थल का पंचनामा तैयार किया गया।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका कार्यवाही से बचने के लिए उनके साथ ग्रामीणों द्वारा अभद्रता व्यवहार किया गया। हाथापाई की गई और झूठे आरोप लगाए गए। साथ ही छवि धूमिल करने की मंशा से षड्यंत्र रचा गया।

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