शरद पूर्णिमा के दो चाँद नमक नाटिका का हुआ मंचन

 

रेवांचल टाईम्स – मंडला लघु तीर्थ क्षेत्र व्रती नगरी पिंडरई में परम पूज्य मुनि श्री नीरज सागर जी एवं परम पूज्य मुनि श्री निर्मद सागर जी के सानिध्य में आचार्य द्वय आचार्य श्री विद्या सागर जी एवं आचार्य महाराज श्री समय सागर जी का अवतरण दिवस हर्षोलास के साथ मनाया गया… प्रातः काल श्री आचार्य छत्तीसी विधान हुआ जिसमें माँ श्रीमंती एवं पिता मल्लप्पा जी के रूप में जोडो नें सामूहिक गुरूजी भक्ति की। मुनि श्री नीरज सागर जी के द्वारा कीर्तन कराया गया जिससे समस्त वातावरण गुरू जी के रंग में ओतप्रोत हो गया था। मुनि श्री निर्मद सागर जी ने अपनी देशना के माध्यम से गुरूजी के उपकारों से परिचय कराया तत्पश्चात् शोभायात्रा निकाली गई बाजार चौक में नवयुवक मंडल के द्वारा मिष्ठान वितरित किया गया…। शाम को एक शाम गुरूजी के नाम भजन संध्या एवं महाआरती के उपरांत शरद पूर्णिमा के दो चाँद नामक नाटिका का मंचन पाठशाला परिवार एवं बालिका मंडल के द्वारा किया गया। पाठशाला की प्राध्यापिका ब्र. साक्षी दीदी साधु सेवा समिति के मिडिया पधारी ऋषभ जैन जी को जानकारी देते हुए बताया कि नाटिका के माध्यम से बच्चों ने उपस्थित जनता का भाव विभोर कर दिया… गुरूजी की याद में सभी की ऑंखें नम हो गई थी। समाज के प्रत्येक वर्ग की उपस्थिति नें कार्यक्रम को सफल बनाया।

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