रेवांचल टाईम्स – मंडला, मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में विकास कार्य ठप्प पड़े हुए हैं। कई निर्माण अधूरे हैं और शासन-प्रशासन की लापरवाही के कारण जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ धरातल पर नहीं पहुंच रहा।
सड़कों की स्थिति खस्ताहाल है, शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है। सरकारी स्कूलों में शिक्षक अनुपस्थित और मनमाने रवैये पर हैं, जबकि प्राइवेट स्कूल सिर्फ फीस वसूल रहे हैं। जल जीवन मिशन और अन्य योजनाओं में मनमानी और धांधली चरम पर है। स्वास्थ्य व्यवस्था भी दयनीय है; ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केन्द्र ठप्प पड़े हैं, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी अपनी जिम्मेदारी से कतर रहे हैं।