रेवांचल टाईम्स – मंडला मध्यप्रदेश में शिक्षक वर्ग-2 भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर एक बार फिर से संशोधन की चर्चा जोर पकड़ रही है। परीक्षा परिणाम आने के बाद भी बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी वेटिंग सूची में फंसी हुई हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश और असंतोष देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 80 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाली कई महिलाएं अब तक नियुक्ति का इंतजार कर रही हैं। इनका कहना है कि उनके पास अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाणपत्र, EWS सर्टिफिकेट सहित सभी पात्रताएं होने के बावजूद भी चयन नहीं हुआ।
अब परीक्षा परिणाम को लेकर सरकार और चयन बोर्ड की चुप्पी ने सवालों को और बढ़ा दिया है। चर्चाएं गर्म हैं कि शिक्षक चयन परीक्षा का परिणाम 30 अक्टूबर के आसपास दोबारा संशोधित रूप में घोषित हो सकता है।
महिला अभ्यर्थियों ने स्पष्ट मांग की है कि यदि परिणाम में संशोधन होना है तो बिना किसी देरी के किया जाए, और वेटिंग में फंसी अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति दी जाए।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की शिक्षिकाओं का कहना है —
> “हमने मेहनत से परीक्षा पास की, 80% से अधिक अंक लाए, अनुभव भी है — फिर भी चयन नहीं! क्या यही है महिला सशक्तिकरण का स्वरूप?”
अभ्यर्थियों की मांगें:
अतिथि शिक्षक अनुभव प्रमाणपत्र का वेटेज जोड़ा जाए।
EWS उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता मिले।
महिला आरक्षण का लाभ वास्तविक रूप से लागू किया जाए।
यदि परिणाम पुनः घोषित होना है, तो उसमें और विलंब न किया जाए।
जन अपेक्षा:
शासन-प्रशासन पारदर्शिता बरतते हुए जल्द स्पष्ट करे कि शिक्षक चयन परीक्षा परिणाम फिर से घोषित होगा या नहीं, ताकि हजारों महिलाओं के भविष्य से खिलवाड़ न हो।