स्व-अध्ययन से रची सफलता की कहानी रितिका पटैल ने NEET में हासिल किए 546 अंक गांव टिकरवारा का बढ़ाया मान

दैनिक रेवांचल टाइम्स मंडला ग्राम टिकरवारा की धरती एक बार फिर गौरवान्वित हुई है जब डीलन पटैल एवं श्रीमति आशिमा पटैल की सुपुत्री रितिका पटैल ने राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (NEET) में 720 में से शानदार 546 अंक अर्जित कर पूरे भारत में 13457 रैंक लाकर न केवल अपने माता-पिता का नाम रोशन किया, बल्कि समूचे ग्राम एवं क्षेत्र को भी गर्व महसूस कराया। सीमित संसाधनों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद डीलन पटैल, जो पेशे से एक टेलर हैं, ने अपनी बेटी की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और हर परिस्थिति में उसका मनोबल बढ़ाया। रितिका ने किसी भी कोचिंग संस्थान की सहायता नहीं ली, बल्कि पूरी तरह से स्व-अध्ययन के माध्यम से दिन-रात परिश्रम कर यह उपलब्धि प्राप्त की, जो आज के समय में एक प्रेरणादायक मिसाल बन गई है। जहां एक ओर ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां संसाधनों के अभाव में सपनों से समझौता कर लेती हैं, वहीं रितिका ने अपने संकल्प, अनुशासन और आत्मविश्वास के बल पर यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। रितिका की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गौरव का विषय है, बल्कि समस्त टिकरवारा ग्राम एवं मण्डला जिले के लिए भी एक ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है। गांव के लोगों में खुशी की लहर है और रितिका अब क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए एक सशक्त प्रेरणा बन गई हैं। ऐसे कठिन हालात में, बिना कोचिंग, केवल आत्मबल और परिवार के सहयोग से मिली यह सफलता वास्तव में संघर्ष, समर्पण और सफलता की अद्वितीय गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को यह सिखाएगी कि “अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी मंज़िल नामुमकिन नहीं।”

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