कई बार हम जितना भी कमा लें, फिर भी महीने के आखिरी में जेब खाली रह जाती हैं। इस स्थिति को लोग अक्सर आम समझकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। लेकिन,वास्तु एक्सपर्ट्स का मानना है कि, वास्तु दोष की वजह से फिजूलखर्च बढ़ने लगता है और ऐसे में कई बार न चाहते हुए भी लोगों का पैसा खर्च होता हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर घर पैसा नहीं टिक रहा और बिना वजह पैसा बहुत खर्च हो रहा है तो ये सब वास्तु दोष की वजह से हो सकता हैं। ऐसे में आज आइए जानते है वास्तु से जुड़े कुछ नियमों के बारे में-
साउथ-साउथ वेस्ट दिशा और खर्चे का कनेक्शन
वास्तु शास्त्र में हर दिशा का अपना महत्व होता हैं। साउथ-वेस्ट यानी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम को खर्चों की दिशा माना गया हैं। यह दिशा दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम के बीच की मानी जाती हैं। यदि इस हिस्से में कोई ऐसी चीज़ रख दी जाए जो इस दिशा के लिए सही न हो, तो उसका असर सीधा आपके पैसों पर पड़ता हैं।
किन चीज़ों से उत्पन्न होता है खर्चों का वास्तु दोष
अगर आपके घर के साउथ-साउथ वेस्ट हिस्से में हरे रंग का कोई सामान जैसे पौधा, पौधों वाला वॉलपेपर या हरे रंग का शो-पीस रखा हुआ है, तो यह एक गंभीर वास्तु दोष की स्थिति पैदा कर सकता हैं।
यह दिशा पृथ्वी तत्व से जुड़ी होती है, जबकि हरा रंग और पौधे वायु तत्व से संबंधित माने जाते हैं। जब वायु तत्व पृथ्वी तत्व पर हावी होता है, तो आर्थिक स्थिरता में कमी आने लगती है और फिजूल खर्चे बढ़ जाते हैं।
1. अगर इस दिशा में कोई ग्रीन प्लांट है, तो तुरंत हटा दें।
2. पौधों वाले वॉलपेपर या शो-पीस भी यहां न रखें।
3. कोई जरूरी कागज़ात, पैसा या अन्य कीमती चीज़ें यहां स्टोर न करें।
फिजूलखर्च कम करने के लिए क्या करें
1. इस दिशा को खाली और साफ रखें।
2. दीवारों पर सिंपल क्रीम या ऑफ व्हाइट कलर करवाएं।
3. चाहें तो वहां कोई भारी लकड़ी का फर्नीचर रख सकते हैं, क्योंकि पृथ्वी तत्व को मजबूत करना इस दिशा के लिए फायदेमंद होता है।