दैनिक रेवांचल टाइम्स – डिंडोरी आदिवासी बाहुल्य जिले के बच्चों को अच्छी शिक्षा के नाम पर लगातार घोटाले ग़बन हो रहे है और सन्तोष शुक्ला जैसे सहायक आयुक्त के पद पर आसीन रहेंगे तब तक पिछड़े जिले पिछड़ते जी जागेंगे क्योंकि इन्हें केवल आदिवासी जिलो का प्रभार दिया ही इसलिए जाता है कि सरकारी धन को लूट लो जिले में खबर का असर दैनिक रेवांचल टाइम्स में प्रमुखता से खबर प्रकाशित करने पर प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए बड़ी कार्यवाही कर सराहनीय कार्य किया
जिले में लंबे समय से पदस्थ विवादित और भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला को डिंडौरी जिले से हटाकर खंडवा जिले में पदस्थ किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश शासन जनजातीय कार्य विभाग मंत्रालय भोपाल द्वारा 17 जून को आदेश जारी कर सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला को डिंडौरी से हटाकर खंडवा में पदस्थ किया गया है। गौरतलब है कि आदिवासी बाहुल्य डिंडौरी जिले में संतोष शुक्ला ने पदस्थ होते ही जमकर धांधली करते भ्रष्टाचार का खेल करते हुए करोड़ों रुपए का बंदरबांट किया है। वर्ष 2021-22 में
स्मार्ट क्लास, स्कूल, छात्रावास मरम्मत, सामग्री सप्लाई, ट्रांसफर/अटैचमेंट के नाम बड़े पैमाने पर बड़ी गड़बड़ी घोटाला किया गया था जिसकी शिकायत को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष अंजू व्यवहार ने गंभीर आरोप लगाए थे जिसको लेकर दैनिक रेवांचल टाइम समाचार पत्र में प्रमुखता से समाचार प्रसारित कर घपले घोटालों को उजागर किया गया था। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए आदिवासियों और डिंडोरी के हित में सराहनीय फैसला लिया है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भ्रष्टाचारी सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला को कलेक्टर ने 24 घंटे के अंदर दिया रिलीव डिप्टी कलेक्टर वेदनाथ वासनिक को सौपा सहायक आयुक्त का प्रभार
अब देखना यह होगा कि भ्रष्टाचारी सहायक आयुक्त संतोष शुक्ला ट्रांसफर पर नए जगह पर पदभार ग्रहण करते हैं या फिर स्टे लेकर डिंडोरी को खोखला करने पर रुचि लेते हैं।