आजकल की बिगड़ती लाइफस्टाइल हमें कई बीमारियां दे रही हैं। इनमें कोलेस्ट्रॉल भी शामिल है। कोलेस्ट्रॉल एक ऐसी हुई समस्या है, जो अपने साथ-साथ और भी बीमारियों को लेकर आती है। कोलेस्ट्रॉल मोम जैसा पदार्थ होता है, जो सभी के शरीर में पाया जाता है। ये दो प्रकार के होते हैं- गुड और बैड। गुड कोलेस्ट्रॉल शरीर की ओवरऑल हेल्थ को बढ़ावा देती है, जिसे हम HDL कहते हैं। बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL बढ़ने से कई बीमारियों का रिस्क हाई हो जाता है। जैसे कि दिल की बीमारियां, नसों में रुकावट और स्ट्रोक।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
SAAOL हार्ट सेंटर के संस्थापक, एमबीबीएस-एमडी, डॉक्टर बिमल छाजेड़ बताते हैं कि कोलेस्ट्रॉल लाइफस्टाइल-बेस्ड बीमारी है, इसे सही करने के लिए हम अपनी डाइट में कुछ हेल्दी बदलाव कर सकते हैं। ये बदलाव न सिर्फ बीमारियों से बचाएंगे बल्कि यह शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी बढ़ाएंगे। हम आपको एक अपनी रिपोर्ट की मदद से बता रहे हैं कि कैसे खान-पान में ये 5 बदलाव शरीर में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को मैनेज करते हैं।
5 हेल्दी रूल्स जिससे मैनेज होगा कोलेस्ट्रॉल
1. ओट्स खाएं- यह फाइबर युक्त भोजन होता है, जो कोलेस्ट्रॉल के मरीजों के लिए नाश्ते के रूप में बेहतर विकल्प है। आप सब्जियों वाला ओट्स खा सकते हैं, जो और भी लाभकारी होगा।
2. मेथी दाना- ये बीज फाइबर युक्त और पोटेशियम का सोर्स होते हैं। रोजाना भिगोई हुई मेथी दाने का पानी और इन बीजों को खाने से खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है। इन बीजों को नियमित रूप से खाने पर दिल का स्वास्थ्य भी सही रहता है।
3. लहसुन- कोलेस्ट्रॉल के लिए सुपरफूड लहसुन को माना जाता है। कई हेल्थ एक्सपर्ट्स बता चुके हैं कि रोजाना खाली पेट कच्चा लहसुन और शहद खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है और गुड का स्तर बढ़ता है।
4. तले-भुने खाने से दूरी- जब हम डाइट में बदलाव की बात करते हैं, तो इसमें बाहर का खाना, जो तेल में बना हो, उससे परहेज करने के लिए सबसे पहले कहा जाता है। तला-भुना भोजन बैड कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ मोटापा भी बढ़ाता है।
5. प्रोसेस्ड फूड्स- इस प्रकार के फूड्स को फैक्ट्री आउटलेट्स में तैयार किया जाता है। इनमें शुगर और नमक की मात्रा बहुत अधिक होती है। साथ ही, ऐसे फूड्स पाम ऑयल और प्रिजर्वेटिव्स की मदद से बनते हैं, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए सही नहीं हैं।
अन्य जरूरी टिप
कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए डाइट के साथ-साथ हमें शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। इसलिए, रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक जरूर करें।
कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के संकेत
- छाती में दर्द होना।
- हाथों-पैरों में झनझनाहट।
- आंखों के पास पीली त्वचा।
- पैरों में नीले रंग की नसें दिखाई देना।
- थकावट, कमजोरी।