कछुए वाली अंगूठी आजकल एक फैशन बन गई है। ये सिर्फ फैशन का हिस्सा नहीं रह गई है, बल्कि इसे पहनने के पीछे धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कछुए की अंगूठी भगवान श्रीहरि विष्णु के कच्छप अवतार का प्रतीक मानी जाती है, जिसे धारण करने से जीवन में सुख-समृद्धि, आर्थिक स्थिरता और मानसिक शांति आती है।
हालांकि, इसे पहनने के कुछ खास नियम होते हैं और हर राशि के लिए यह शुभ नहीं मानी जाती। ऐसे में कछुए की अंगूठी धारण करने से पहले इससे जुड़ी सही जानकारी होना बेहद जरूरी है।
कछुए की अंगूठी किन राशियों के लिए पहनना अशुभ
रत्न शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, कुछ राशियों के लिए कछुए की अंगूठी शुभ नहीं मानी जाती है
मेष राशि
सिंह राशि
धनु राशि
इन राशियों के जातकों को कछुए की अंगूठी पहनने से पहले किसी जानकार ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य लेनी चाहिए, क्योंकि इससे उलटे परिणाम भी मिल सकते हैं। कछुए की अंगूठी पहनने से इन लोगों में ठंडक का असर ज्यादा होता है। इससे व्यक्ति का स्वभाव बदल सकता है और वह जल्दी गुस्सा करने वाला बन सकता है।
वृषभ, मकर राशि के जातकों के लिए अंगूठी है शुभ
वृषभ राशि
मकर राशि
रत्न शास्त्र के अनुसार, वृषभ और मकर राशि के जातकों के लिए कछुए की अंगूठी बड़ी शुभ मानी गई है। इन दोनों राशियों के जातकों को कछुए की अंगूठी अवश्य धारण करनी चाहिए।
इसके अलावा, कछुए की अंगूठी पहनने से इन राशि वालों की पैसों से जुड़ी परेशानियां भी बढ़ सकती हैं। इसलिए इन चार राशियों के लोगों को कछुए की अंगूठी नहीं पहननी चाहिए।
कछुए की अंगूठी पहनने के नियम
कछुए की अंगूठी पहनते समय कुछ जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए, तभी इसका पूरा लाभ मिलता है-
- हमेशा चांदी की कछुए की अंगूठी पहननी चाहिए।
- अंगूठी में बने कछुए की पीठ पर ‘श्री’ का निशान होना शुभ माना जाता है।
- अंगूठी पहनने से पहले उसे गंगाजल से धोकर शुद्ध कर लें।
- कछुए की अंगूठी इस तरह पहनें कि कछुए का मुंह आपकी ओर रहे।
- मान्यता है कि सही तरीके से पहनी गई अंगूठी ज्यादा शुभ फल देती है।