पाइप पुलिया के स्थान पर पिलर पुल की मांग, ग्रामीणों ने सौंपा आवेदन:ग्राम पंचायत ने ठंडे बस्ते में डाला,,

“ग्राम पंचायत परडिया डोंगरी में मनमानी चरम पर”

मनमाने तरीके से निर्माण का आरोप, बरसात में जलभराव से बढ़ती परेशानी

दैनिक रेवांचल टाइम्स बजाग – जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत पड़रियाडोंगरी निर्माण कार्यों के मामले में मनमानीपूर्वक कार्यशैली के लिए आए दिन विवादों से घिरी रहती है कई शिकायतों के बाद भी यहां जिम्मेदारों की मनमानी चरम पर है ताज़ा मामला वार्ड क्रमांक 2 और 5 का है जहां  ग्रामीणों ने पाइप पुलिया के स्थान पर पिलर (स्तंभ) वाले ऊंचे पुल के निर्माण की मांग को लेकर आवेदन सौंपा है। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी मांग को अनदेखा कर मनमाने तरीके से पाइप पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, वार्ड में स्थित नाले पर पाइप पुलिया बनाई जा रही है, जबकि इस स्थान पर बरसात के दौरान अत्यधिक जल प्रवाह होता है। जंगल एवं खेतों का पानी तेज गति से नाले में आता है और उसके साथ भारी मात्रा में कचरा भी बहकर आता है, जो पाइप में फंसकर अवरोध पैदा करता है। इससे पुलिया के क्षतिग्रस्त होने और आसपास जलभराव की स्थिति बनने की आशंका रहती है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि यहां पिलर आधारित ऊंचा पुल बनाया जाए तो पानी और कचरा आसानी से निकल सकेगा, जिससे मार्ग बाधित नहीं होगा। वर्तमान में बन रही पुलिया की ऊंचाई भी कम बताई जा रही है, जबकि सड़क दोनों ओर से ढलान लिए हुए है। ऐसे में पुलिया पर पानी चढ़ने की स्थिति में आवागमन पूरी तरह बाधित हो सकता है।

ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के समय यह मार्ग अक्सर बंद हो जाता है, जिससे लोगों को लंबा चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय और श्रम की हानि के साथ-साथ स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

बताया गया है कि कोदू नंदा और द्वारका प्रसाद के घर के बीच, माहू के घर के समीप पुलिया का निर्माण किया जा रहा है। ग्रामीणों ने पूर्व में भी ग्राम पंचायत को आवेदन देकर पिलर पुल निर्माण की मांग की थी, लेकिन अब तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई। आरोप है कि आवेदन को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया और बिना उच्च अधिकारियों को अवगत कराए निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।

आवेदन पर वार्डवासियों के हस्ताक्षर भी हैं, जिन्होंने सामूहिक रूप से समस्या के समाधान की मांग की है।

 

घटिया रेत के उपयोग का आरोप::

निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिया निर्माण के शुरुआती चरण में ही घटिया रेत का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिया के बेस (आधार) निर्माण में निम्न गुणवत्ता की रेत और सामग्री का उपयोग किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि मौके पर उपयंत्री की अनुपस्थिति में घटिया मिट्टी और बजरी मिश्रित रेत से आधार तैयार किया गया, जिससे निर्माण की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने गुणवत्ता पूर्ण निर्माण सुनिश्चित कराने की मांग की है।

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