कांग्रेस का बयान में जानकारी शून्य, आरोप भरपूर लोकेश डेहरिया
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा कार्यकारी जिला अध्यक्ष लोकेश डेहरिया ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस के जिला प्रवक्ता के इस बयान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अब कांग्रेस का बुद्धिमत्ता से कोई लेना-देना नहीं रह गया है। स्थिति यह है कि पार्टी के बुद्धिमान, समझदार और गंभीर नेता पहले ही किनारा कर चुके हैं और अब बचे हुए लोग बिना तथ्यों के बयानबाजी कर खुद ही हंसी के पात्र बन रहे हैं।
डेहरिया कहा कि “वंशवाद” पर उपदेश देने से पहले कांग्रेस को अपने इतिहास और वर्तमान का आईना देख लेना चाहिए। जिस पार्टी की राजनीति पीढ़ी-दर-पीढ़ी एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमती रही हो, वह आज भाजपा पर आरोप लगाए यह न सिर्फ विडंबना है, बल्कि जनता की समझ का अपमान भी है।
डेहरिया ने कहा कि भाजपा जिलाध्यक्ष के परिवार के सभी सदस्य पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता हैं, लेकिन उनमें से कोई भी किसी पद पर नहीं है। भाजपा में पद वंशानुगत नहीं, बल्कि परिश्रम, निष्ठा और कार्यक्षमता के आधार पर मिलते हैं। यहां “परिवारवाद” नहीं, “कार्यकर्ता-वाद” चलता है जो कांग्रेस की समझ से परे है।
उन्होंने कहा कि बंद कमरे में बैठकर बिना जानकारी के सवाल उछालना आसान है। उन्हें बंद कमरे से बाहर निकलने की जरूरत भी नहीं है, हम उसी बंद कमरे में उनकी जानकारी दुरुस्त कर देते हैं कि भाजपा जिलाध्यक्ष उनके परिवार के प्रथम पीढ़ी के नेता हैं और उन्हें यह पद किसी उत्तराधिकार से नहीं मिला, बल्कि उन्होंने अपने समर्पण, संघर्ष और कार्यों के बल पर प्राप्त किया है।
डेहरिया ने आगे कहा कि अगर थोड़ी भी गंभीरता दिखाई जाती, तो पहले तथ्य जुटाए जाते। लेकिन शायद उन्हें बार-बार अपनी ही जग हंसाई करवाने में विशेष आनंद आता है। कांग्रेस अब मुद्दों पर नहीं, बल्कि भ्रम और बेबुनियाद आरोपों पर राजनीति कर रही है।
अंत में भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा कार्यकारी जिला अध्यक्ष लोकेश डेहरिया ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले कांग्रेस को अपने “परिवारवाद की जड़ें” कितनी गहरी हैं, इसका आत्ममंथन करना चाहिए क्योंकि अब देश और प्रदेश की जनता वंशवाद नहीं, विकास और पारदर्शिता की राजनीति को ही स्वीकार कर रही है।