दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला, इन दिनों नगर पालिका प्रशासन आँख मूँद कर अपने चहेते ठेकेदार से तालमेल बैठकर नाली सड़क गटटू पुलिया और जो भी परिषद अपने वार्डो में विकास का कार्य करवाना चाहती है वह केवल एक ही ठेकेदार को पसंद करते हुए कार्य सौप देते है फिर न कोई देखंने वाला न कोई सुनने वाला और नहीं कहने वाला ठेकेदार अपने हिसाब से अपनी मनमानी कर विकास क कामो म लीपापोती क़र आगे बढ़ता है और जिन जिन का जो हिस्सा बनता है उन्हें समय पर पहुंचा कर कार्य का इति श्री कर लेते हैं फिर ठेकेदार ने जो कार्य किया है उसकी गुणवत्ता कितनी वह कार्य कितने दिन चलेगा अब वह जनता जाने उसका भगवान् ही मालिक होता है
वही जानकारी के अनुसार बर्तमान उसी ठेकेदार से नेहरू स्मारक से बिंझिया तक डामल और सड़क चौड़ी करण कार्य किया जा रहा है जहाँ पर न अर्थ वर्क कार्य न पेड़ हटाए न बिजली पोल हटाए बस किराये से मशीने और डामल लाकर सड़क बना दी अब वह सड़क कितने दिन तक चलेगी उसकी गुणवत्ता कितनी है कोई बताने वाला मोके में मौजूद ही नहीं नज़र आ रहे!
वही जानकारी के अनुसार सड़क बनने क बाद विरोध होने के बाद सड़क म लगे पड़े हटाने की बात की जा रही हैं साथ ही ये बतलाया ज रहा हैं की नगर पालिका ने पहले ही जारी किया था पत्र, राशि जमा होने के बाद भी नहीं हुआ विद्युत पोल शिफ्टिंग का कार्य
नगर पालिका मण्डला क्षेत्र में नेहरू स्मारक से बिंझिया तिराहा तक बनाए जा रहे बीटी रोड निर्माण कार्य के बीच विद्युत लाइन शिफ्टिंग का मामला चर्चा का विषय बन गया है। सड़क निर्माण का कार्य तेज गति से जारी है, लेकिन मार्ग में लगे विद्युत पोल और बिजली लाइनों को अब तक शिफ्ट नहीं किया गया है, जिससे सुरक्षा और भविष्य में संभावित दुर्घटनाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
नगर पालिका द्वारा इस संबंध में पहले ही स्पष्ट कर दिया गया था कि यदि विद्युत लाइन शिफ्टिंग का कार्य समय पर नहीं किया जाता है तो पूरे मामले की जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी। इसके बावजूद अब तक विभाग की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर स्थानीय नागरिकों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है।
नगर पालिका द्वारा जारी पत्र के अनुसार कायाकल्प 2.0 अभियान के तहत नेहरू स्मारक से बिंझिया तिराहा तक बीटी रोड निर्माण के साथ-साथ विद्युत लाइन शिफ्टिंग का कार्य भी प्रस्तावित किया गया था। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने 12 जनवरी 2023 को प्रोजेक्ट राशि लगभग 34 लाख 59 हजार रुपये निकाय को प्रस्तुत किया जिसका सुपर वीजन राशि 226344 रुपये जमा करा दिए थे, ताकि समय रहते विद्युत पोल और बिजली लाइन को शिफ्ट किया जा सके और सड़क निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए।
राशि जमा होने के बाद उम्मीद थी कि बिजली विभाग द्वारा शीघ्र ही तकनीकी स्वीकृति लेकर पोल शिफ्टिंग का कार्य शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी यह कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। नगर पालिका ने इस संबंध में कई बार विभाग को पत्राचार कर कार्य शीघ्र कराने का अनुरोध भी किया, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस पहल सामने नहीं आई।
इधर शहर में चल रहे विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका की पीआईसी बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सड़क निर्माण कार्य को रोका नहीं जाएगा, क्योंकि इससे जनता को असुविधा होगी और विकास कार्य प्रभावित होंगे। इसी निर्णय के आधार पर वर्तमान में बीटी रोड का निर्माण कार्य जारी रखा गया है।
नगर पालिका द्वारा पहले ही अपने पत्र में यह स्पष्ट उल्लेख किया गया था कि यदि विद्युत विभाग द्वारा लाइन शिफ्टिंग का कार्य समय पर नहीं किया जाता है और भविष्य में किसी प्रकार की दुर्घटना या समस्या उत्पन्न होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क निर्माण के साथ-साथ विद्युत पोल शिफ्टिंग भी बेहद आवश्यक है। यदि सड़क बन जाने के बाद भी पोल बीच मार्ग या किनारे असुरक्षित स्थिति में रहते हैं तो इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी। साथ ही भविष्य में फिर से खुदाई कर पोल शिफ्ट करने की स्थिति बनेगी, जिससे सरकारी धन और समय दोनों की हानि होगी।
शहर के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जब नगर पालिका द्वारा समय पर राशि जमा कर दी गई थी तो बिजली विभाग को भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कार्य समय पर पूरा करना चाहिए था। अब यह देखना बाकी है कि विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए लाइन शिफ्टिंग का कार्य कब तक शुरू करता है।