बिछुआ में उमड़ा जनसैलाब: विराट हिंदू सम्मेलन में डॉ. विजया यादव ने दिया सामाजिक समरसता का मंत्र

जितेन्द्र अलबेला
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा|बिछुआ – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में बिछुआ में आयोजित ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ भव्यता और संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता, प्रसिद्ध समाजसेवी एवं विद्या भूमि पब्लिक स्कूल की संचालिका डॉ. विजया यादव ने अपने ओजस्वी संबोधन में समाज को एकजुट करने और मानवीय मूल्यों को पुनर्जीवित करने पर विशेष बल दिया।
*भव्य कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ*
सम्मेलन का आगाज़ एक विशाल एवं भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में माताएं-बहनें और श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तिमय वातावरण और जयघोष के साथ शुरू हुई इस यात्रा ने पूरे नगर को धर्ममय कर दिया।
*प्रमुख संबोधन*
*”स्वदेशी और संस्कार ही हमारी शक्ति”*
मुख्य वक्ता डॉ. विजया यादव ने अपने संबोधन में प्रमुख बिंदुओं पर समाज का मार्गदर्शन किया
सामाजिक समरसता उन्होंने कहा कि समाज में ऊंच-नीच का भेद मिटाकर समरसता लाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कर्तव्य पालन डॉ. यादव ने जोर दिया कि जब तक प्रत्येक व्यक्ति अपने नागरिक और नैतिक कर्तव्यों का पालन नहीं करेगा, तब तक राष्ट्र निर्माण अधूरा है।
स्वदेशी का संकल्प उन्होंने लोगों को अपनी परंपराओं से जुड़ने और ‘स्वदेशी’ की भावना को दैनिक जीवन में उतारने की प्रेरणा दी।
*एकजुटता*
“सबको साथ लेकर चलना ही हिंदुत्व है,” इस विचार के साथ उन्होंने समाज को जोड़ने का आह्वान किया।
*पंच परिवर्तन का लिया संकल्प*
सम्मेलन के दौरान संघ की ‘पंच परिवर्तन’ योजना (सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी जीवनशैली और नागरिक कर्तव्य) पर चर्चा की गई। उपस्थित जनसमूह ने इन पांच सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारने और समाज के सकारात्मक परिवर्तन में भागीदार बनने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। इस विराट आयोजन ने न केवल क्षेत्र की धार्मिक एकजुटता को प्रदर्शित किया, बल्कि शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य भी किया।