नई रेल लाइन पर राजनीति तेज: शहडोल सांसद सक्रिय, मंडला सांसद से संयुक्त पहल की मांग

रीवा–शहडोल–डिंडोरी–मंडला रेल परियोजना पर बढ़ी हलचल

4

दैनिक रेवांचल टाईम्स | मंडला।राष्ट्रीय रेल संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनूप मिश्रा ने शहडोल लोकसभा क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह से दूरभाष पर विस्तृत चर्चा कर बहुप्रतीक्षित रीवा–शहडोल–डिंडोरी–मंडला नई रेल लाइन के निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
शीतकालीन सत्र से लेकर बजट सत्र तक प्रस्ताव
सांसद श्रीमती हिमाद्री सिंह ने बताया कि उन्होंने संसद के शीतकालीन सत्र में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस परियोजना का प्रस्ताव सौंपा था। इसके बाद वर्तमान वित्तीय सत्र में भी उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर इस मांग को दोहराया।
रेल मंत्री द्वारा मंत्रालय के अधिकारियों को प्रारंभिक सर्वे एवं व्यवहार्यता अध्ययन के निर्देश दिए जाने की बात सामने आई है। रिपोर्ट मिलने के बाद परियोजना पर आगे निर्णय होने का आश्वासन दिया गया है।
बड़ा सवाल—मंडला सांसद की भूमिका क्या?
जहां शहडोल सांसद लगातार प्रयासरत हैं, वहीं अब निगाहें मंडला लोकसभा क्षेत्र के सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते पर टिक गई हैं।
जनता पूछ रही है:
क्या मंडला सांसद ने इस रेल लाइन के लिए कोई ठोस पहल की?
संसद में कितनी बार मुद्दा उठाया गया?
रेल मंत्रालय से कब मुलाकात की गई?
संयुक्त प्रतिनिधिमंडल बनाने की पहल क्यों नहीं हुई?
संयुक्त दबाव से मिल सकती है स्वीकृति
श्रीमती हिमाद्री सिंह का साफ कहना है कि यदि
रीवा सांसद जनार्दन मिश्रा
मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते
और शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह
तीनों मिलकर रेल मंत्री से मुलाकात करें तो परियोजना को शीघ्र स्वीकृति मिल सकती है।
विकास की लाइफ लाइन बनेगी रेल
इस रेल लाइन से—
उद्योगों को गति
युवाओं को रोजगार
विद्यार्थियों को बेहतर आवागमन
मरीजों को बड़े शहरों तक पहुंच
पर्यटन को बढ़ावा
मिलने की उम्मीद है। विंध्य और महाकौशल को जोड़ने वाली यह लाइन क्षेत्र की तस्वीर बदल सकती है।
संघर्ष समिति का ऐलान
राष्ट्रीय रेल संघर्ष समिति ने कहा है कि वे मंडला और रीवा के सांसदों से संपर्क कर संयुक्त पहल के लिए दबाव बनाएंगे। समिति ने मंडला की जनता की ओर से पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया है।
जनता का सीधा सवाल
मंडला सांसद बताएं—
नई रेल लाइन के लिए अब तक क्या किया?
क्या संयुक्त प्रतिनिधिमंडल बनेगा?
मंडला को रेल सुविधा कब मिलेगी?
वही यह मुद्दा अब क्षेत्रीय विकास और राजनीतिक जवाबदेही से जुड़ गया है। जनता को ठोस समयसीमा और कार्यवाही का इंतजार है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.