जब तक मौतें न हो तब तक प्रशासन नहीं जागता आख़िर क्यों 

घुघरी में झोलाछाप डॉक्टर पर जिले की टीम ने की कार्रवाई..

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रेवांचल टाइम्स मंडला- आदिवासी बाहुल्य मंडला जिले में विगत दो तीन वर्षों से झोलाछाप डॉक्टर का कहर देखने ही मिल रहा है जिसमें मासूम आदिवासी जो शासकीय अस्पताल को छोड़कर झोलाछाप डॉक्टरों पर भरोसा करके अपना जीवन दांव पर लगा रहे हैं और इलाज कराते हैं और ये हो भी क्यों न क्योंकि शासकीय अस्पताल और स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही का ताजा नतीजा विगत दो तीन दिनों पूर्व तहसील मुख्यालय घुघरी में देखने को मिला है जिसने जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासन की पोल खोल दी है जिससे साफ पता चलता है कि मासूम आदिवासी समुदाय का जीवन मिट्टी से भी सस्ता है जिसको झोलाछाप डॉक्टर लेने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं..

आज तहसील मुख्यालय घुघरी में झोलाछाप डॉक्टर मां रेवा मेडिकल स्टोर्स पर छापेमार कार्रवाई करते हुए उनके द्वारा राजस्व अमला एवं पुलिस की सहभागिता से सील किया गया है..

 

क्या कहते हैं जिम्मेदार

कलेक्टर महोदय के आदेशानुसार सी.एम.एच ओ के निर्देश पर जिले की झोलाछाप डॉक्टर पर निरंतर कार्रवाई की जा रही है जिसको लेकर आज घुघरी में मां रेवा मेडिकल स्टोर्स पर जांच कर कार्रवाई की गई है.

 

डॉ.सुमित सिंगौर

डॉक्टर मंडला

 

मरीज के परिजन

मैं यहां पहली बार आया हूं मेरी बिटिया की तबीयत खराब है मेरी बिटिया को पीरियड की समस्या है तो सुनील डॉक्टर को दिखाने आया हूं गांव के लोगों ने ही बताया है कि अच्छा इलाज करते हैं.मेरी बिटिया की उम्र 14-15 साल है नौवीं में है.

बिरसिंह ताराम

ग्राम वासी लाफन घुघरी मंडला

 

घुघरी मुख्यालय में 10-12 झोलाछाप डॉक्टर हैं और उनको इलाज करने का नहीं है फिर भी अगर इलाज कर रहे हैं तो गलत है जिसकी जांच और कार्रवाई की जा रही है

नीरज राज

खण्ड चिकित्सा अधिकारी

घुघरी मंडला

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