’मातृ-पितृ पूजन हमारी संस्कृति का आधार, इसे जीवंत रखना सराहनीय’: सांसद बंटी विवेक साहू
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
संत आशाराम गुरुकुल में शनिवार को ‘मातृ-पितृ पूजन दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद बंटी विवेक साहू ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने अपने माता-पिता का विधि-विधान से पूजन कर आशीर्वाद लिया, जिससे पूरा परिसर भक्ति और वात्सल्य के रस में सराबोर हो गया।
पाश्चात्य संस्कृति के बीच भारतीय संस्कारों की गूंज
जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद बंटी विवेक साहू ने कहा, “मातृ-पितृ पूजन हमारी समृद्ध संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के बीच हम अपनी जड़ों को भूल रहे थे, लेकिन संत आशाराम बापू की प्रेरणा से शुरू हुआ यह अभियान आज पूरे देश में एक संस्कार के रूप में स्थापित हो चुका है।” उन्होंने आगे कहा कि माता-पिता का स्थान ईश्वर से भी ऊपर है और उनका आशीर्वाद ही जीवन की असली पूंजी है।
भावुक क्षण छलक उठीं माता-पिता और बच्चों की आंखें
पूजन के दौरान जब नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपने माता-पिता की आरती उतारी और तिलक लगाकर उनके चरण वंदना की, तो वहां मौजूद शिक्षक, अभिभावक और स्वयं विद्यार्थी भाव-विभोर हो गए। कई अभिभावकों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
प्रतिभाओं और गुरुओं का सम्मान
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में गणेश वंदना, नृत्य नाटिका और प्रेरणादायक भाषणों की सुंदर प्रस्तुति दी गई।
इस अवसर पर
शिक्षकों का सम्मान बोर्ड परीक्षाओं में 100% परिणाम देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
मेधावी छात्र विभिन्न गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया।
गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में महापौर विक्रम अहके, योग वेदांत सेवा समिति के अध्यक्ष मदन मोहन परसाई, समाजसेवी पूरन राजलानी, चंद्रकुमार चंदु जैन सहित गुरुकुल की संचालिका दर्शना खट्टर एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और साधक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का आभार प्रदर्शन श्रीमती दर्शना खट्टर ने किया।