घुघरी पुलिस की पहल युवाओं को जागरूक करने विशेष अभियान
रेवांचल टाइम्स घुघरी मंडला समाज को नशे की गिरफ्त से मुक्त कराने और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में थाना घुघरी अंतर्गत ग्राम पंचायत पांडकला तथा उसके पोषक ग्राम सैलवारा में भव्य ‘नशा मुक्ति चौपाल’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि समाज अब नशे के खिलाफ खुलकर खड़ा होने को तैयार है।
कार्यक्रम का संचालन थाना प्रभारी पूजा बघेल के नेतृत्व में किया गया। चौपाल के दौरान पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को बर्बाद करता है, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति, सामाजिक प्रतिष्ठा और भविष्य को भी अंधकार में धकेल देता है।
इस अवसर पर उपनिरीक्षक रामकिशोर माथरे एवं उपनिरीक्षक राजेंद्र हरदहा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत कई बार छोटे अपराधों से शुरू होकर गंभीर आपराधिक गतिविधियों तक पहुंच जाती है। चोरी, घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाएं और आपसी विवाद अक्सर नशे की वजह से बढ़ते हैं।साइबर जागरूकता का भी संदेश अपराधों से बचाव के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि आज के दौर में नशे के साथ-साथ ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और सोशल मीडिया के दुरुपयोग जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी साझा न करें और संदिग्ध कॉल की तुरंत सूचना पुलिस को दें।
जनप्रतिनिधियों और मातृशक्ति का मिला सहयोग
कार्यक्रम की सफलता में ग्राम पंचायत पांडकला के सरपंच गणेश परस्ते और उपसरपंच विद्यासागर मरावी की सक्रिय भूमिका रही। उन्होंने ग्रामीणों को नशा मुक्त समाज के निर्माण में भागीदारी का आह्वान किया।चौपाल में बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। मातृशक्ति ने खुलकर अपनी बात रखी और कहा कि नशे की वजह से परिवारों में अशांति बढ़ती है, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और घरेलू हिंसा जैसी घटनाएं सामने आती हैं। महिलाओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वे अपने गांव को नशा मुक्त बनाने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी।चौपाल के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नशे से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका जागरूकता है। यदि परिवार, स्कूल और समाज मिलकर युवाओं को सही दिशा दें, तो नशे की जड़ें स्वतः कमजोर हो जाएंगी। पुलिस ने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अवैध शराब बिक्री, मादक पदार्थों के सेवन या तस्करी की सूचना तुरंत थाना घुघरी को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा कि पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं है, बल्कि समाज की साझेदार है। नशा मुक्ति अभियान को जन आंदोलन का रूप देने की आवश्यकता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण में जीवन जी सकें।
युवाओं को दिया सकारात्मक संदेश
चौपाल में युवाओं को खेल, शिक्षा और स्वरोजगार की ओर प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा और समय का सही उपयोग ही भविष्य निर्माण की कुंजी है। नशा क्षणिक सुख देता है, लेकिन जीवनभर का दुख छोड़ जाता है। इसलिए युवा अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और गलत संगति से बचें।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने हाथ उठाकर नशा मुक्त गांव बनाने का संकल्प लिया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस पहल के रूप में देखा जा रहा है।पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा और अन्य ग्राम पंचायतों में भी ‘नशा मुक्ति चौपाल’ का आयोजन किया जाएगा।
नशे के खिलाफ यह जंग तभी जीती जा सकती है जब समाज, प्रशासन और युवा एकजुट होकर प्रयास करें। पांडकला की यह पहल निश्चित रूप से अन्य गांवों के लिए प्रेरणा बनेगी और नशा मुक्त समाज की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।