बम्हनी बंजर में कानून व्यवस्था पर सवाल: दबंगों का आधी रात घर पर हमला, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, नगरवासियों में आक्रोश
नशे में धुत लोगों ने घर के बाहर किया हंगामा, दरवाजा तोड़ने की कोशिश, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना

दैनिक रेवांचल टाइम्स – बम्हनी बंजर।नगर बम्हनी बंजर में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आधी रात कुछ नशे में धुत लोगों द्वारा एक आम नागरिक के घर के बाहर पहुंचकर हंगामा करने और दरवाजा तोड़ने की कोशिश करने की घटना ने पूरे नगर में आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि खुलेआम इस तरह की दबंगई होगी तो आम नागरिकों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। वहीं घटना के बाद पुलिस की सक्रियता को लेकर भी नगरवासियों में नाराजगी देखी जा रही है।
मंडला, जिले के थाना बम्हनी बंजर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, बीते दिनों बस स्टैंड क्षेत्र में एक पुराने विवाद को लेकर एक वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता और एक आम नागरिक के बीच कथित रूप से कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी।
बताया जा रहा है कि इसी विवाद के बाद रात्रि के समय बम्हनी और ठरका क्षेत्र से कुछ लोगों को बुलाया गया। आरोप है कि नशे की हालत में पहुंचे इन लोगों ने बम्हनी बंजर निवासी अरविंद सोनी के घर के सामने पहुंचकर जमकर हंगामा किया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने घर के बाहर खड़े होकर न केवल अभद्र भाषा का प्रयोग किया, बल्कि परिवार के सदस्यों को घर से बाहर निकलने के लिए उकसाया। इतना ही नहीं, उन्होंने घर के दरवाजे पर लात मारकर उसे तोड़ने की भी कोशिश की, जिससे परिवार में दहशत का माहौल बन गया।
वही सूत्रों की मानें तो पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई है, जो मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम सबूत साबित हो सकते हैं।
यह घटना केवल एक परिवार की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नगर में कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि विवादों को कानून और संवाद के माध्यम से सुलझाने के बजाय इस प्रकार की दबंगई और गुंडागर्दी का सहारा लिया जाएगा, तो समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा होना तय है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस पूरे मामले में पुलिस और प्रशासन क्या कार्रवाई करते हैं। नगरवासियों की मांग है कि कानून सबके लिए समान होना चाहिए और किसी भी प्रकार की दबंगई या राजनीतिक प्रभाव के चलते अपराधियों को संरक्षण नहीं मिलना चाहिए।
जिम्मेदार नागरिकों का भी कहना है कि किसी भी सभ्य समाज की पहचान शांति, आपसी संवाद और कानून के प्रति सम्मान से होती है, न कि भय और दबाव की राजनीति से।