संतरे के छिलके का यह उबटन मिनटों में चमका देगा आपकी स्किन, टैनिंग होगी पल भर में छू-मंतर

गर्मियों की दस्तक के साथ ही तेज धूप और चिलचिलाती लू का असर हमारी त्वचा पर दिखने लगा है। बाहर निकलते ही चेहरे, गर्दन और हाथों पर सनटैन की समस्या आम हो जाती है। धूप की वजह से न केवल त्वचा की रंगत गहरी पड़ जाती है बल्कि पसीने और धूल के कारण चेहरे पर दाने और जलन की परेशानी भी बढ़ जाती है। अगर आप भी महंगे सनस्क्रीन और फेशियल कराकर थक चुके हैं तो आयुर्वेद में इसका एक अचूक और प्राकृतिक समाधान छिपा है।

आखिर क्यों होती है टैनिंग

विज्ञान की भाषा में समझें तो सूरज की अल्ट्रावॉयलेट (UV) किरणों से बचाव के लिए हमारी त्वचा मेलेनिन नामक हार्मोन का अधिक उत्पादन करने लगती है। यही मेलेनिन त्वचा के रंग को गहरा और असमान बना देता है। केवल ऊपरी निखार काफी नहीं है त्वचा को भीतर से पोषण और संतुलन की आवश्यकता होती है जो प्राकृतिक उबटन के जरिए ही संभव है।

घर पर तैयार करें उबटन

इस प्राकृतिक उबटन को बनाना बेहद आसान है और इसके लिए आपको किसी महंगे पार्लर जाने की जरूरत नहीं है।

सामग्री

  • संतरे के छिलके का पाउडर
  • चंदन पाउडर
  • मुलेठी पाउडर
  • केसर के कुछ धागे
  • एलोवेरा जेल (पेस्ट बनाने के लिए)
  • गुलाब जल या कच्चा दूध (वैकल्पिक)

बनाने की विधि

एक बाउल में इन सभी सूखी सामग्रियों को मिला लें। अब इसमें एलोवेरा जेल डालें और एक गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। यदि पेस्ट ज्यादा सख्त लगे तो इसमें थोड़ा गुलाब जल या कच्चा दूध मिलाएं। आपका शुद्ध आयुर्वेदिक उबटन तैयार है। इसे हफ्ते में कम से कम दो बार प्रभावित हिस्सों पर लगाएं।

क्यों है यह इतना असरदार

इस उबटन में मौजूद हर सामग्री का अपना वैज्ञानिक और आयुर्वेदिक महत्व है। संतरे के छिलके में भरपूर मात्रा में विटामिन-सी होता है जो डेड स्किन सेल्स को हटाकर नई कोशिकाओं को बनाने में मदद करता है। मुलेठी मेलेनिन के स्तर को संतुलित करती है जबकि केसर त्वचा की रंगत को निखारने का काम करता है।

वहीं एलोवेरा और चंदन की तासीर ठंडी होती है। यह मिश्रण न केवल टैनिंग हटाता है बल्कि धूप से होने वाली जलन को शांत कर त्वचा को गहराई से ठंडक पहुँचाता है।

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