खबर के बाद भी नहीं जगा प्रशासन, भ्रष्ट निर्माण पर अब भी पर्दा — ग्रामीणों में फूटा आक्रोश

रेवांचल टाइम्स | मंडला ग्राम पंचायत बरगवां के परधान मोहल्ला में नाली निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रकाशित खबर के बाद भी जिला प्रशासन और जिम्मेदार विभागों की नींद नहीं टूटी है। गंभीर आरोपों और स्पष्ट खामियों के सामने आने के बावजूद अब तक न तो कोई ठोस जांच शुरू हुई है और न ही निर्माण कार्य पर रोक लगाने जैसी कार्रवाई की गई है।

 

इस निष्क्रियता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश पनप रहा है। लोगों का कहना है कि जब मीडिया द्वारा पूरे मामले को उजागर कर दिया गया है, उसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं, जिससे यह संदेह और गहरा हो रहा है कि कहीं पूरे मामले को दबाने की कोशिश तो नहीं की जा रही।

शिकायत के बाद भी ‘सिस्टम’ खामोश

ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य में घटिया गुणवत्ता, बिना सरिया नाली निर्माण, वाइब्रेटर का उपयोग न होना और सूचना बोर्ड का अभाव जैसे गंभीर मुद्दे सामने आने के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई निरीक्षण नहीं किया गया है।

लोगों का आरोप है कि “यदि इतनी स्पष्ट अनियमितताओं के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो फिर आम आदमी न्याय की उम्मीद किससे करे?”

जारी है वही पुराना खेल

सबसे हैरानी की बात यह है कि खबर प्रकाशित होने के बाद भी निर्माण कार्य में किसी प्रकार का सुधार देखने को नहीं मिला। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदारी प्रथा के माध्यम से वही घटिया काम अब भी जारी है, मानो किसी को किसी कार्रवाई का डर ही नहीं है।

जिम्मेदारों पर उठ रहे सवाल

ग्रामीण अब सीधे तौर पर जनपद पंचायत, तकनीकी अमले और जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि जिम्मेदार अधिकारी समय रहते कार्रवाई करते, तो न सिर्फ इस कार्य को सुधारा जा सकता था, बल्कि अन्य पंचायतों में भी एक संदेश जाता।

“क्या खबर भी बेअसर हो गई?”

स्थानीय लोगों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अब मीडिया में खबरें प्रकाशित होने के बाद भी प्रशासन पर कोई असर नहीं पड़ता? यदि ऐसा है, तो यह व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

ग्रामीणों ने दी चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे मजबूर होकर उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक शिकायत ले जाएंगे और आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।

अब भी समय है कार्रवाई का

यह मामला अब केवल एक नाली निर्माण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह पंचायत स्तर पर चल रहे कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही का सवाल बन चुका है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन कब तक मौन रहता है और कब इस पूरे मामले में सख्त कदम उठाकर जनता का भरोसा वापस जीतने की कोशिश करता है।

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