प्रशिक्षण और विकास के नाम पर डिंडौरी में भ्रष्टाचार बन रहा है,‘भस्मासुर’! 14 लाख के बजट में 7.5 लाख भुगतान पर उठे सवाल भ्रष्टाचार के लग रहे गंभीर आरोप……

दैनिक रेवांचल टाईम्स – डिंडौरी, बैगा आदिवासी बाहुल्य जिले डिंडौरी में विकास और प्रशिक्षण योजनाओं के नाम पर कथित भ्रष्टाचार अब गंभीर रूप लेता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा मामला अब “भस्मासुर” बन चुका है, लेकिन न तो जिला प्रशासन और न ही जनप्रतिनिधि इस ओर ध्यान दे रहे हैं।
ग्राम पंचायतों से लेकर नगर परिषद डिंडौरी तक विकास कार्यों के नाम पर खुलेआम लूट की चर्चा आम हो चुकी है। इसी कड़ी में नगर परिषद अंतर्गत वर्ष 2022-23 और 2023-24 में बैगा और भार्या जाति के लिए आयोजित प्रशिक्षण शिविरों पर बड़ा सवाल खड़ा हुआ है।
क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार—
प्रशिक्षण शिविर रैनबसेरा में आयोजित किए गए थे, कुल 14 लाख रुपये का बजट स्वीकृत बताया जा रहा है
इसमें से लगभग 7.5 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है, वही वर्ष 2021 से 2024 तक भुगतान “सेवार्थी सोशल वेलफेयर” नामक संस्था को किया गया जो जाँच का विषय है।
उठ रहे गंभीर सवाल
स्थानीय लोगों और सूत्रों के अनुसार:
वर्ष 2021 से 2024 तक हुए प्रशिक्षण में शामिल हितग्राहियों की नामावली और उपस्थिति संदिग्ध बताई जा रही है
खर्च और भुगतान के बीच बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है, कार्य की गुणवत्ता और वास्तविक आयोजन को लेकर जमीनी हकीकत अलग बताई जा रही है
कई लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि क्या वास्तव में प्रशिक्षण हुआ भी था या सिर्फ कागजों में पूरा किया गया
जनता में चर्चा का माहौल
स्थानीय स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि:
“प्रशिक्षण के नाम पर पैसा निकाला गया, लेकिन लाभार्थियों तक उसका कोई वास्तविक लाभ नहीं पहुंचा।”
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सवाल
जिला प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
विधायक और सांसद की निष्क्रियता पर नाराजगी पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी उजागर
मांग क्या है?
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि:
प्रशिक्षण से जुड़ी पूरी सूची (नाम, उपस्थिति) सार्वजनिक की जाए
भुगतान और बिलों की जांच कराई जाए
स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच हो
दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए
वही कुल मिलाकर, डिंडौरी में विकास योजनाओं के नाम पर हो रहे इस कथित भ्रष्टाचार ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह मामला और भी बड़ा रूप ले सकता है।