टाइगर के शिकारी के खेत में लहलहा रही थी अफीम: तामिया पुलिस की बड़ी स्ट्राइक, 20 लाख के डोडा पौधे जब्त

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
जितेन्द्र अलबेला
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ का शिकार करने वाले शातिर अपराधी के मंसूबे पुलिस और वन विभाग की संयुक्त सतर्कता ने ध्वस्त कर दिए हैं। तामिया पुलिस ने छातीआम के जंगलों के बीच चल रही अफीम की अवैध खेती का भंडाफोड़ करते हुए करीब 20 लाख रुपये मूल्य के डोडा पौधे बरामद किए हैं।
बाघ के शिकार से अफीम की खेती तक का कनेक्शन
हाल ही में सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ को जहर देकर मारने के मामले में गिरफ्तार आरोपी उदेसिंग पिता सुमरसिंग शीलू (निवासी छातीआम) फिलहाल जिला जेल छिंदवाड़ा में बंद है। विवेचना के दौरान वन विभाग को सूचना मिली कि आरोपी ने पाडो नाला के पास घने जंगलों के बीच अपने कब्जे वाले खेत में अफीम की अवैध खेती कर रखी है।
सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी तामिया ने देलाखारी चौकी स्तर पर एक विशेष टीम गठित की। 29 मार्च 2026 को टीम ने जब जंगल के दुर्गम इलाके में दबिश दी, तो वहां का नजारा देख अधिकारी दंग रह गए।
कार्यवाही के मुख्य बिंदु
बरामदगी कुल 6148 नग अफीम (डोडा) के पौधे।
कुल वजन लगभग 194.500 किलोग्राम।
बाजार मूल्य जप्त मादक पदार्थ की कीमत 20 लाख रुपये आंकी गई है।
कानूनी कार्यवाही
आरोपी के विरुद्ध NDPS एक्ट की धारा 8, 18(C) और 25 के तहत अपराध क्रमांक 60/26 पंजीबद्ध किया गया है।
वन विभाग से मिली सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही की। दुर्गम भौगोलिक स्थिति का लाभ उठाकर की जा रही इस अवैध खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। आरोपी पहले से ही वन्यजीव अपराध के मामले में जेल में है, अब उस पर मादक पदार्थ तस्करी की गंभीर धाराओं में भी शिकंजा कसा गया है।
सराहनीय भूमिका
इस बड़ी कार्यवाही को अंजाम देने में तामिया थाना प्रभारी निरीक्षक आशीष कुमार जैतवार, देलाखारी चौकी प्रभारी उनि. मयंक उइके, प्र.आर. मधुप्रसाद कुलस्ते, आरक्षक संतोष सल्लाम, सोमवीर जाट, रोहित बघेल, प्रकाश साहू, भीम परते, प्रमोद उइके और सैनिक सुनील अहके का विशेष योगदान रहा।