स्टोन क्रेशर से बढ़ा प्रदूषण ग्रामीणों ने हटाने की मांग उठाई
दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला, मध्य प्रदेश की मंडला जिले में जहां देखो वहां अवैध और मनमाने तरीके से स्टोन क्रेशर चल रहे हैं स्टोन क्रशरों से पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है और सभी जवाबदार गहरी नींद में सो रहे हैं स्टोन केशारों की कोई जांच पड़ताल नहीं की जा रही है नियम कानून को किनारे में रखकर मंडला जिले के स्टोन क्रेशर नियम कानून को ताक में रख अवैध तरीके से चल रहे हैं। जिनकी जांच अब बेहद जरूरी हो गई है और ग्रामीण लगातार जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन शासन प्रशासन द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ रहा है
एक ऐसा ही मामला प्रशासन के समक्ष सामने आया।
मंडला जिले की ग्राम पंचायत मानिकपुर माल के पोषक ग्राम मानिकपुर रैयत में संचालित एक स्टोन क्रेशर के कारण ग्रामीणों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए स्टोन क्रेशर को हटाने की मांग की है।
वही ग्रामीणों का आरोप है कि “माँ शीतला स्टोन क्रेशर” के संचालन से क्षेत्र में लगातार प्रदूषण फैल रहा है। धूल और शोर के कारण लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है, वहीं पर्यावरण पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसके अलावा गांव के कुओं और हैंडपंपों का जलस्तर भी लगातार घटता जा रहा है, जिससे पेयजल संकट गहराने लगा है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के कारण उन्हें रोजमर्रा की जरूरतों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं पर इसका असर अधिक देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए उक्त स्टोन क्रेशर को तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए, ताकि गांव में प्रदूषण से राहत मिल सके और जल स्रोतों का संरक्षण हो सके। इसी तरह मंडला जिले की तहसील नैनपुर के ग्राम परसवाड़ा, देवरी, चिचोली, चरगांव, गजना कोकीवाड़ा खुर्सीपार बंजारा टोला सररा समीत अनेक ग्रामों में स्टोन क्रेशर अवैध तरीके से चल रहे हैं नागरिकों की
अपेक्षा है कि संपूर्ण मंडला जिले में अवैध चल रहे स्टोन क्रशरों को बंद किया जाए और सभी स्टोन क्रशरों से पर्यावरण प्रदूषण हो रहा है तो उसे रोकने के लिए कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जावे