पंचायत में अव्यवस्था से ग्रामीण परेशान संपूर्ण मंडला जिले में चरमराई पंचायती राज व्यवस्था

सचिव की अनुपस्थिति पर कार्रवाई की मांग

दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला।मध्य प्रदेश के मंडला जिले में पंचायती राज व्यवस्था बुरी तरह खराब हो चुकी है है जहां देखो वहां इस व्यवस्था के अंतर्गत सिर्फ लापरवाही ही लापरवाही दिखाई दे रही है लगभग सभी ग्राम पंचायत मेंमनमानी धांधली और लापरवाही चरम सीमा पर पहुंच गई है शासन प्रशासन के संरक्षण मेंविकास के नाम पर आवंटित धन की होली ग्राम पंचायत में खुलेआम खेली जा रही है
और शासन प्रशासन
इन्हें ऐसा करने के लिए पूरी तरह संरक्षण प्रदान कर रहा है
कुल मिलाकर पंचायती राज व्यवस्था इस जिले में ध्वस्त हो चुकी है जिसके प्रमाण, शासन प्रशासन के समक्ष कई माध्यम से स्वत पहुंच रहे हैं, एक ऐसा ही मामला सामने आया
जहाँ मंडला जिले जिले की जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खुड़िया में प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को लेकर ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों में गहरा असंतोष देखने को मिल रहा है। सरपंच श्रीमती सीमा कुजाम एवं पंचगणों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को शिकायत सौंपते हुए पंचायत में पदस्थ समन्वयक अधिकारी संदीप चौरसिया का कार्य क्षेत्र बदलने तथा सचिव के स्थानांतरण की मांग की है।
शिकायत में बताया गया कि समन्वयक अधिकारी अपनी पत्नी, जो कि उसी पंचायत में सचिव के पद पर कार्यरत हैं, के साथ कभी-कभार ही पंचायत पहुंचते हैं और महज एक घंटे में वापस लौट जाते हैं। सचिव की नियमित अनुपस्थिति के कारण पंचायत के कई जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। निर्माणाधीन आंगनवाड़ी भवन का कार्य अधूरा पड़ा है तथा मजदूरों को समय पर मजदूरी का भुगतान नहीं हो पा रहा, जिससे वे परेशान हैं।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि नल-जल योजना, पेंशन, मृत्यु प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्य सचिव की गैरमौजूदगी में लंबित हैं। इसके अलावा ग्राम सभा एवं सामान्य सभा की बैठकें भी समय पर आयोजित नहीं हो रही हैं, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि सरपंच द्वारा सचिव को नियमित उपस्थित रहने के लिए कहने पर उन्होंने कथित रूप से अभद्र जवाब देते हुए शिकायत करने की बात कही। वहीं पंचों का मानदेय भी अब तक भुगतान नहीं किया गया है।
वही ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि समन्वयक अधिकारी का कार्य क्षेत्र बदला जाए तथा सचिव का स्थानांतरण कर नए सचिव की नियुक्ति की जाए, ताकि पंचायत के विकास कार्य समय पर पूर्ण हो सकें और ग्रामीणों को शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके
। इस तरह की गड़बड़ी अधिकांश ग्राम पंचायत में हो सकती है
कुछ मामले सामने आ पा रहे हैं कुछ नहीं आ पा रहे हैं और पंचायत में लोगों को परेशान होना पड़ रहा है विकास से वंचित होना पड़ रहा है आखिर कब तक चलेगा यह सब कुछ जनता जानना चाह रही है!

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