रायसेन राष्ट्रीय किसान मेले में मंडला जिले की महिला किसान का डंका
रेवांचल टाइम्स मंडला रायसेन जिले में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय किसान मेला, उन्नत कृषि महोत्सव, प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम में मंडला जिले की महिला किसानों ने अपने नवाचार और तकनीकी दक्षता से विशेष पहचान बनाई। विकासखंड नारायणगंज और निवास से इन महिला किसानों ने न केवल अपने कार्यों का प्रभावी प्रदर्शन किया, बल्कि देशभर से आए कृषि विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं का ध्यान भी आकर्षित किया। कृषक कल्याण वर्ष के अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में राजनाथ सिंह, शिवराज सिंह चौहान और मोहन यादव की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया।
कार्यक्रम में महिला किसानों ने प्रदान संस्था के सहयोग से तैयार की गई बायोचार इकाई, जैविक खाद और ‘दीदी बाड़ी’ मॉडल का प्रदर्शन किया। इन नवाचारों ने न केवल दर्शकों को प्रभावित किया बल्कि कृषि क्षेत्र में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों की संभावनाओं को भी उजागर किया। महिला किसानों ने बताया कि बायोचार तकनीक मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। यह तकनीक कार्बन को मिट्टी में स्थिर करती है, जिससे भूमि की गुणवत्ता सुधरती है और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम होती है।
विशेषज्ञों और अतिथियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी तकनीकें भविष्य की कृषि के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों के बीच बायोचार जैसी पद्धतियां न केवल उत्पादन बढ़ाने में मददगार हैं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। महिला किसानों द्वारा प्रस्तुत ‘दीदी बाड़ी’ मॉडल ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया, जिसमें सीमित संसाधनों के बीच विविध फसलों का उत्पादन कर पोषण और आय दोनों को संतुलित किया जाता है।
प्रदान संस्था के अनुरुद्ध कुमार शास्त्री ने बताया कि आज की महिला किसान केवल खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे नवाचारों को अपनाकर नेतृत्व की भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। महिला किसान सेवकली ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नई तकनीकों को अपनाने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और उनकी खेती पहले से अधिक सुदृढ़ और लाभकारी बनी है।
यह आयोजन विभिन्न मल्टीनेशनल कंपनियों, स्टार्टअप्स और कृषि विशेषज्ञों के लिए एक साझा मंच के रूप में उभरा। यहां किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों, नई तकनीकों और उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी प्राप्त हुई। मंडला की महिला किसानों ने इस अवसर का पूरा लाभ उठाते हुए नई जानकारियों को आत्मसात किया और उन्हें अपने क्षेत्रों में लागू करने की योजना बनाई।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन कृषि को लाभकारी और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने महिला किसानों के प्रयासों को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक सशक्त कदम है।
कुल मिलाकर, रायसेन का यह राष्ट्रीय किसान मेला न केवल तकनीकी नवाचारों का केंद्र बना, बल्कि महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। मंडला की महिला किसानों ने यह साबित कर दिया कि यदि अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो ग्रामीण महिलाएं भी कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव ला सकती हैं।