आदर्श फाउंडेशन ने मनाया ‘विश्व मधुमेह दिवस’, बच्चों को दिया प्रकृति से जुड़ने का संदेश!

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ाधर्म, धरा, धेनु, प्रकृति, पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन के लिए पूर्ण समर्पित संस्था आदर्श फाउंडेशन ने आज धर्मटेकड़ी, छिंदवाड़ा में विश्व मधुमेह दिवस और बाल दिवस का संयुक्त रूप से आयोजन किया। इस अवसर पर संस्था ने बच्चों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और प्राकृतिक उपायों के महत्व के बारे में जागरूक किया।
​प्रकृति में छिपा है हर बीमारी का इलाज
​कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए आदर्श फाउंडेशन के अध्यक्ष महेश बंदेवार ने बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मधुमेह प्रबंधन में प्रकृति की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रकृति के पास हर बीमारी की दवा है। उन्होंने कई औषधीय पौधों की जानकारी दी जो रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में सहायक हैं:
​गुड़मार का पौधा: रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक।
​स्टीविया: शुगर सब्स्टीट्यूट (चीनी का विकल्प) के रूप में उपयोगी।
​बिल्बेरी: रक्त में शर्करा के स्तर को कम करने में मददगार।
​करेला और दालचीनी: इंसुलिन की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं।
​ बच्चों को जंक फूड से दूरी बनाने की सलाह
​परामर्शदाता डॉ. लता नागले ने बच्चों और अभिभावकों को महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुझाव दिए। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों को जंक फूड से दूरी रखने, फल, हरी सब्जी का सेवन करने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी।
​स्वस्थ जीवनशैली के लिए महत्वपूर्ण टिप्स:
​नींद: आठ से दस घंटे की पर्याप्त नींद लें।
​दूरी: मोबाइल और टीवी से दूरी बनाए रखें।
​संयमित दिनचर्या: अपनी दिनचर्या को योग, प्राणायाम और ध्यान से संयमित करें।
​महत्वपूर्ण सूचना: डॉ. नागले ने यह भी स्पष्ट किया कि बताई गई औषधीय गुण वाले पौधों का उपयोग करने से पहले डॉक्टर से परामर्श करना आवश्यक है, खासकर यदि आप मधुमेह के लिए दवाएं ले रहे हैं।
​कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
​इस महत्वपूर्ण अवसर पर संस्था सदस्य डॉ. रवि चंद्रवंशी, डॉ. ओ. पी. विश्वकर्मा, नीलिमपुरी गोस्वामी, साई उत्कर्ष पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल श्रीमती माधवी शुक्ला, श्रीमती संगीता आवारे सहित स्कूली बच्चे और अन्य समाजसेवी उपस्थित रहे।
​यह आयोजन बच्चों को स्वस्थ आदतों के प्रति प्रेरित करने और मधुमेह जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने की दिशा में आदर्श फाउंडेशन का एक सराहनीय कदम था।

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